हिट एंड रन कानूनः पूरे देश में बवाल, महाराष्ट्र में फूटा ट्रक ड्राइवरों का गुस्सा, पुलिस पर किया हमला

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हिट एंड रन कानूनः पूरे देश में बवाल, महाराष्ट्र में फूटा ट्रक ड्राइवरों का गुस्सा, पुलिस पर किया हमला

नवी मुंबई के जेएनपीटी रोड पर नये कानून के खिलाफ ट्रक और बस ड्राइवर प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारिय��ं की ओर से सड़क पर की गई नाकाबंदी हटाने की कोशिश करने लगे, जिसके बाद ड्राइवरों का गुस्सा फूट पड़ा.

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Hit and Run Law: हिट एंड रन मामलों पर नए कानून को लेकर देश भर में बस और ट्रक चालकों का प्रदर्शन जारी है. ट्रक और बस चालक सोमवार से ही पूरे देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं. कहीं-कहीं इनका प्रदर्शन उग्र भी होता जा रहा है. ताजा मामला महाराष्ट्र का है. जहां नवी मुंबई में प्रदर्शन कर रहे ट्रक ड्राइवरों ने सोमवार को एक पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया. ट्रक ड्राइवर इतने आक्रोशित थे कि पुलिसकर्मी को मौके से भागना पड़ा.

हिरासत में लिए गए 40 ट्रक ड्राइवर
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिसकर्मी पर हमले को लेकर करीब 40 ड्राइवरों को हिरासत में लिया गया है. बता दें यह घटना सोमवार का है. नवी मुंबई के जेएनपीटी रोड पर नये कानून के खिलाफ ट्रक और बस ड्राइवर प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों की ओर से सड़क पर की गई नाकाबंदी हटाने की कोशिश करने लगे. इस घटना से ड्राइवर आक्रोशित हो गये और उन्होंने पुलिसकर्मी पर हमला बोल दिया. ड्राइवर लाठियों और पत्थरों से पुलिसकर्मियों पर हमला कर रहे थे.

नये कानून का कर रहे हैं विरोध
दरअसल ट्रक और बस ड्राइवर हिट एंड रन सड़क दुर्घटना मामलों को लेकर नए दंड कानून में शामिल किए गए प्रावधान का विरोध कर रहे हैं. नये कानून के खिलाफ ट्रक चालकों ने सोमवार को देश के अलग-अलग राज्यों में जमकर विरोध-प्रदर्शन किया. चालकों ने ईएसबीटी, ईदगाह, बिजली घर बस स्टैंड पर रोडवेज बसों को खड़ा कर दिया. उनकी मांग है कि सरकार को कानून में संशोधन करना चाहिये.

हिट-एंड-रन कानून
हिट-एंड-रन को लेकर नये कानून के तहत रोड एक्सीडेंट के बाद भागने वाले ड्राइवरों को 10 साल की सजा और सात लाख रुपये तक का अर्थदंड का प्रावधान किया गया है. इसी को लेकर पूरे देश में ट्रक और बस ड्राइवर हंगामा कर रहे हैं. ड्राइवरों के आंदोलन के कारण ट्रकों और प्राइवेट बसों के पहिए थम गए हैं. नये कानून से पहले ड्राइवरों को थाने से ही जमानत मिल जाती थी. वहीं नये कानून में कहा गया है कि अगर घटना के बाद कोई आरोपी ड्राइवर घायल को अस्पताल पहुंचाता है, तो उसकी सजा कम भी हो सकती है. 

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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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