Andhra Pradesh: चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी को टीडीपी ने हाई कोर्ट में दी चुनौती, बुधवार को सुनवाई

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 12 Sep 2023 10:16 PM

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नायडू का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा के नेतृत्व में वकीलों की एक टीम ने खतरे की आशंका का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री को घर में हिरासत में रखने के लिए सोमवार को एक याचिका दायर की थी. नायडू को कई साल से ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है.

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आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तारी से राज्य में टीडीपी का विरोध प्रदर्शन जारी है. टीडीपी ने पार्टी प्रमुख की गिरफ्तारी को हाई कोर्ट में चुनौती दी है. पार्टी ने धारा 409 के प्रयोग पर सवाल उठाते हुए हाई कोर्ट को रुख किया. अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली और सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा. हाई कोर्ट इस मामले पर बुधवार को सुनवाई करेगा.

नायडू की नजरबंदी की याचिका खारिज, अदालत ने कहा- उनके लिए जेल में रहना सुरक्षित

विजयवाड़ा की एक स्थानीय अदालत ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू की नजरबंदी की याचिका खारिज कर दी और कहा कि वह जेल में अधिक सुरक्षित रहेंगे, क्योंकि घर में नजरबंद रहने के दौरान उन्हें ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा प्रदान नहीं की जा सकती.

खतरे की आशंका का हवाला देते हुए हाउस रिमांड की मांग की थी

नायडू का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा के नेतृत्व में वकीलों की एक टीम ने खतरे की आशंका का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री को घर में हिरासत में रखने के लिए सोमवार को एक याचिका दायर की थी. नायडू को कई साल से ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है. एनएसजी के कमांडो हमेशा उनकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं.

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कोर्ट ने कहा, घर में नजरबंदी के बजाय जेल में रहना ज्यादा सुरक्षित

नायडू के वकील जयकर मट्टा ने बताया कि नजरबंदी का अनुरोध खारिज कर दिया गया. मट्टा के मुताबिक, अदालत को लगा कि घर में नजरबंद होने पर ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा नहीं दी जाएगी, इसलिए नायडू के लिए घर में नजरबंदी के बजाय जेल में रहना ज्यादा सुरक्षित है. मट्टा के अनुसार इसके अलावा, अदालत ने कहा कि अगर नायडू को सफलतापूर्वक जेड-प्लस सुरक्षा प्रदान करना संभव होता तो वह उन्हें घर में नजरबंद करने का निर्देश दे सकती थी. अदालत ने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से जेल बेहतर है.

सीआईडी का दावा धोखाधड़ी से सरकार को हुआ 300 करोड़ रुपये का नुकसान

आंध्र प्रदेश सीआईडी प्रमुख एन. संजय ने गिरफ्तारी के बाद कहा था कि नायडू को कौशल विकास निगम से संबंधित धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिससे राज्य सरकार को 300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.

नायडू की पत्नी ने जेल में पति की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई

तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू की पत्नी भुवनेश्वरी ने मंगलवार को कहा कि उनके पति की गिरफ्तारी के बाद परिवार मुश्किल समय का सामना कर रहा है. भुवनेश्वरी ने केंद्रीय कारागार में नायडू से मिलने के बाद कहा कि वह जेल में नायडू की सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं. उन्होंने पत्रकारों से कहा, परिवार के लिए यह कठिन समय है. यह परिवार हमेशा जनता और पार्टी के लिए समर्पित रहा है. मैं आपको इस बारे में आश्वासन दे सकती हूं. जब मैंने उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि वह ठीक हैं और चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, मैं उनकी सुरक्षा को लेकर आशंकित हूं. मैंने कोई सुविधा नहीं देखी. उन्हें ठंडे पानी से नहाना पड़ा. उन्होंने कहा कि नायडू हमेशा कहते हैं कि पहले जनता, उसके बाद परिवार, और उन्हें उसी इमारत (जेल) में रखा जा रहा है जिसे उन्होंने ही बनवाया था. भुवनेश्वरी ने अनुरोध किया कि लोग बाहर आएं और उनके साथ लड़ें.

चंद्रबाबू नायडू पर कौशल विकास निगम में घोटाले का आरोप

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नायडू को करोड़ों रुपये के कौशल विकास निगम कथित घोटाले से संबंधित मामले में गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल 14 दिन की न्यायिक हिरासत के अंतर्गत राजामहेंद्रवरम केंद्रीय कारागार में बंद हैं.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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