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Rajasthan Political Crisis : अशोक गहलोत को सोनिया गांधी ने दी क्लीन चिट, बागी विधायकों पर होगी कार्रवाई

Updated at : 27 Sep 2022 7:52 PM (IST)
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Rajasthan Political Crisis : अशोक गहलोत को सोनिया गांधी ने दी क्लीन चिट, बागी विधायकों पर होगी कार्रवाई

सोनिया गांधी की ओर से क्लीन चिट दिए जाने के बाद अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं. सोनिया गांधी से क्लिन चिट मिलने के बाद अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए अशोक गहलोत का रास्ता साफ हो गया है.

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नई दिल्ली : राजस्थान में कांग्रेस के अंदर पैदा हुए राजनीतिक संकट पर विराम लगाते हुए पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को क्लीन चिट दे दिया है. सूत्रों के हवाले से टीवी रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि अशोक गहलोत से फोन पर बातचीत करने के बाद सोनिया गांधी ने यह कदम उठाया है. इसके साथ ही, बताया यह भी जा रहा है कि पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंप दिया है. संभावना यह भी जाहिर की जा रही है कि पार्टी की नीतियों के खिलाफ जाने वाले बागी विधायकों के खिलाफ पार्टी आलाकमान की ओर से कार्रवाई भी की जा सकती है.

अध्यक्ष पद के लिए नामांकन का रास्ता साफ

इसके साथ ही, बताया यह भी जा रहा है कि सोनिया गांधी की ओर से क्लीन चिट दिए जाने के बाद अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं. सोनिया गांधी से क्लिन चिट मिलने के बाद अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए अशोक गहलोत का रास्ता साफ हो गया है.

राजस्थान का अगल सीएम कौन

इस बीच, एक सवाल अब भी बना हुआ है कि आखिर राजस्थान का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? यह सवाल इसलिए बना हुआ है, क्योंकि अगर अशोक गहलोत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ते हैं और इसमें उन्हें जीत मिल जाती है, तो उन्हें राजस्थान की कुर्सी छोड़नी होगी. उदयपुर चिंतन शिविर में ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से ऐलान किया गया था कि पार्टी में एक व्यक्ति-एक पद के सिद्धांत का पालन किया जाएगा.

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पर्यवेक्षकों को लौटना पड़ा बैरंग

रविवार की शाम को 82 विधायकों के इस्तीफे के बाद पैदा हुए राजनीतिक संकट की वजह से पर्यवेक्षकों के साथ विधायकों की प्रस्तावित बैठक भी नहीं हो सकी और राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे को बैरंग दिल्ली वापस लौटना पड़ा. इस ताजा घटनाक्रम में यह बात उभरकर सामने आ गई कि राजस्थान में कांग्रेस को बदलना कांग्रेस के लिए आसान नहीं है. इसका कारण यह है कि राजनीतिक आकांक्षाएं, मजबूत दावेदार और सत्ता का हस्तांतरण कांग्रेस की राह में रोड़े अटका रहे हैं.

सचिन पायलट के ताजपोशी की हो गई थी तैयारी

रविवार को राजस्थान के निवर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को हटाकर सचिन पायलट के ताजपोशी की तैयारी की जा रही थी, क्योंकि अशोक गहलोत को कांग्रेस के अध्यक्ष पद का उम्मीदवारा मान लिया गया था. सचिन पायलट राजस्थान के मुख्यमंत्री के तौर पर पार्टी आलाकमान के पसंदीदा नेता बताए जा रहे हैं. इस बात की भनक लगते ही अशोक गहलोत ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए पार्टी के खुर्राट नेताओं की चाल पर पानी फेर दिया.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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