ePaper

'पीसीसी में मल्लिकार्जुन खड़गे का स्वागत, मेरा नहीं', शशि थरूर ने कांग्रेस की संस्कृति पर उठाया सवाल

Updated at : 13 Oct 2022 8:44 PM (IST)
विज्ञापन
'पीसीसी में मल्लिकार्जुन खड़गे का स्वागत, मेरा नहीं', शशि थरूर ने कांग्रेस की संस्कृति पर उठाया सवाल

शशि थरूर ने कहा कि कई पीसीसी में हमने देखा कि पीसीसी अध्यक्ष, विधायक दल के नेता और कई बड़े नेता खड़गे साहब का स्वागत करते हैं, उनके साथ बैठते हैं, पीसीसी से डेलीगेट को निर्देश जाते हैं कि आ जाओ, खड़गे साहब आ रहे हैं

विज्ञापन

नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर ने गुरुवार को पार्टी की कार्य संस्कृति पर सवाल उठाते उसमें बदलाव की जरूरतों पर बल देते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटियों में उनके प्रतिद्वंद्वी मल्लिकार्जुन खड़गे का स्वागत किया जाता है और बड़े-बड़े नेता उनसे मिलने आते हैं, लेकिन उनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं किया जाता. हालांकि, उन्होंने कहा कि वे कोई शिकायत नहीं कर रहे हैं, लेकिन पार्टी की व्यवस्था में कमी है. इसका कारण यह है कि पार्टी में पिछले 22 साल से कोई चुनाव नहीं हुआ है.

मधुसूदन मिस्त्री ने चुनाव कराने का किया बेहतरीन प्रयास

तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने यह भी कहा कि केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने का बेहतरीन प्रयास किया है. उन्होंने गुरुवार को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्यों) के साथ बैठक की और अपने लिए वोट मांगा. इसमें पूर्व सांसद संदीप दीक्षित, दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अमृता धवन और कुछ अन्य डेलीगेट शामिल हुए.

सिस्टम में हैं कुछ कमियां

शशि थरूर ने दोनों उम्मीदवारों के लिए समान अवसर नहीं होने संबंधी अपने पहले की एक टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि मैं मिस्त्री साहब के खिलाफ कुछ नहीं बोलना चाहता था. पार्टी के सिस्टम में कुछ कमियां हैं, क्योंकि 22 साल से चुनाव नहीं हुए हैं. उनका कहना था कि हमें 30 सितंबर को पहली सूची (डेलीगेट की) दी गई और फिर एक हफ्ते पहले एक सूची दी गई. पहली सूची में फोन नंबर नहीं थे. अगर ऐसा है, तो फिर कैसे संपर्क करेंगे. बाद में फोन नंबर मिले. दोनों सूची में कुछ अंतर थे. मेरी यह शिकायत नहीं है कि ये जानबूझकर कर रहे हैं. समस्या यह है कि हमारी पार्टी में कई साल से चुनाव नहीं हुए हैं. इसलिए कुछ गलतियां हुई हैं.

Also Read: Congress President Election: मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ सार्वजनिक बहस के लिए शशि थरूर तैयार
मिस्त्री जी से कोई शिकायत नहीं

शशि थरूर ने कहा, ‘मुझे पता है कि मिस्त्री जी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए बैठे हैं. मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है.’ थरूर ने कहा कि कुछ नेताओं ने ऐसे काम किए हैं, जिस पर मैंने कहा कि समान अवसर नहीं है. कई पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) में हमने देखा कि पीसीसी अध्यक्ष, विधायक दल के नेता और कई बड़े नेता खड़गे साहब का स्वागत करते हैं, उनके साथ बैठते हैं, पीसीसी से (डेलीगेट को) निर्देश जाते हैं कि आ जाओ, खड़गे साहब आ रहे हैं. यह सिर्फ एक ही उम्मीदवार के लिए हुआ. मेरे साथ कभी नहीं हुआ. इस किस्म की कई चीजें कई पीसीसी में हुईं. उनके अनुसार, वह कई पीसीसी गए, लेकिन पीसीसी अध्यक्ष उपलब्ध नहीं होते.

थरूर ने कहा कि मैं कोई शिकायत नहीं कर रहा हूं. मैं यह नहीं कह रहा हूं कि मुझे ज्यादा फर्क पड़ेगा. अगर आप पूछते हैं कि समान अवसर मिल रहा है, तो क्या आपको लगता है कि इस तरह के व्यवहार में कुछ फर्क नहीं है? उन्होंने यह भी कहा कि गांधी परिवार और पार्टी के शीर्ष स्तर से पहले ही तटस्थता की बात कर दी गई है और इस चुनाव में सबको अपनी मर्जी से वोट करना चाहिए क्योंकि यह गुप्त मतदान है. कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को मतदान होना है और 19 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी. मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में उम्मीदवार हैं.

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola