संसद के अंदर कैसी है सुरक्षा? जानें ललित झा ने यह जानने के लिए ली किसकी मदद

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 16 Dec 2023 12:10 PM

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New Delhi: Lalit Jha (C), key accused in the recent Parliament security breach, being produced at the Patiala House Court, in New Delhi, Friday, Dec. 15, 2023. A Delhi court on Friday sent Jha to 7-day police custody for his sustained custodial interrogation. (PTI Photo/Manvender Vashist Lav) (PTI12_15_2023_000252A)

संसद सुरक्षा उल्लंघन साजिश मामले के मास्टरमाइंड ललित झा को दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन के सामने कथित तौर पर आत्मसमर्पण करने के बाद गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उससे पूछताछ के दौरान कई खुलासे हुए. जानें मामले का अपडेट

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संसद सुरक्षा चूक मामले में आरोपियों के पकड़े जाने के बाद कई खुलासे हो रहे हैं. मामले में एक नई बात सामने आई है जिसे अंग्रेजी वेबसाइट हिंदुस्तान टाइम्स ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से जो खबर प्रकाशित की गई है उसके अनुसार, संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में आरोपी घटना को अंजाम देने के लिए सात स्मोक कैन के साथ पहुंचे थे. दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया है कि चारों आरोपी नीलम, अमोल, सागर शर्मा और मनोरंजन घटना को अंजाम देने के लिए एक या दो नहीं बल्कि 7 स्मोक कैन लेकर पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि आरोपियों ने गूगल सर्च की मदद ली और संसद के आसपास के इलाके को सर्च किया. उन्होंने सुरक्षा को लेकर कई चीजें गूगल पर सर्च की, जिसमें संसद सुरक्षा के पुराने वीडियो भी शामिल थे.

सिग्नल ऐप पर बात करते थे आरोपी

जो बड़ी बात सामने आई है उसके अनुसार, आरोपियों ने यह भी सर्च किया कि आपस में कैसे बातचीत की जाए जिसकी भनक तक किसी को ना लगे. पुलिस उनकी पहचान करने में समर्थ न हो पाए इसका भी उन्होंने उपाय निकाला. सभी आरोपी सिग्नल ऐप पर बात करते थे ताकि पकड़े न जाएं. दिल्ली पुलिस के सूत्रों की मानें तो इनकी सबसे बड़ी मंशा मीडिया में के माध्यम से सुर्खियां बटोरने की थी. यही वजह है कि इन्होंने सत्र के दौरान संसद में घुसने का प्लान तैयार किया. आपको बता दें कि मामले को लेकर संसद में जोरदार हंगामा जारी है. विपक्षी दलों ने संसद की सुरक्षा में सेंध की घटना पर अमित शाह से बयान की मांग की है. लोकसभा में 13 दिसंबर को सुरक्षा उल्लंघन के बाद अपनी मांगों को लेकर हंगामा करने पर 13 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया था.

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सभी आरोपी कई बार मिले और साजिश को अंजाम दिया

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पटियाला हाउस कोर्ट में मास्टरमाइंड ललित झा को पेश किया. स्पेशल सेल ने कोर्ट को बताया कि ललित झा ने खुलासा किया है कि संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने की घटना के सभी आरोपी कई बार मिले और साजिश को अंजाम दिया. पुलिस ने झा को पेश करते हुए बताया कि आरोपी ललित झा ने खुलासा किया है कि उसके सहित आरोपी देश में अराजकता पैदा करना चाहते थे ताकि वे सरकार से अपनी मांग मनवाने में सफल हो सकें. बताया जा रहा है कि संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मामले में गिरफ्तार पांच लोगों के साथ संदेह के आधार पर दो और लोगों को हिरासत में लिया है.

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प्लान-ए हुआ फेल

खबर की मानें तो संसद में सुरक्षा उल्लंघन की घटना के कथित मास्टरमाइंड ललित मोहन झा ने पूछताछ के दौरान कई खुलासे किये हैं. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि पहले हमारा प्लान था कि सभी संसद के अंदर और बाहर आत्मदाह करेंगे. उनके शरीर को ज्यादा नुकसान ना हो इसके लिये उन्होंने ‘अग्निरोधी जेल’ लगाकर आत्मदाह करने का प्लान तैयार किया, लेकिन इस तरल पदार्थ के नहीं मिलने के कारण इस प्लान को उन्हें ड्रॉप करना पड़ा. इसके बाद उन्होंने प्लान बी पर काम किया. इस संबंध में अंग्रेजी वेबसाइट टाइम्स ऑफ इंडिया ने खबर प्रकाशित की है.

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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