राजीव गांधी की पुण्यतिथि आज, जानिए कैसे रचा गया था हत्याकांड का पूरा प्लान

Edited by Pritish Sahay
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पूरा देश आज पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 31 वीं बरसी पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है. आज के ही दिन चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर में उनकी आत्मघाती विस्फोट हत्या कर दी गई थी. उस विस्फोट में कुल16 लोगो की जान गई थी. विस्फोट के लिए लिट्टे की एक महिला आतंकी ने अपने शरीर पर बम बांध रखा था.

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राजीव गांधी की पुण्यतिथि: 21 मई 1991 पूरा देश स्तब्ध हो गया… करोड़ों लोग सकते में आ गए… जिसने भी यह सुना उसे यकीन नहीं हो रहा था. देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री की हत्या हो गई. जी हां… 21 मई यानी आज के ही दिन राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी. आज पूरा देश उनकी 31 वीं बरसी पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है. पीएम मोदी ने भी राजीव गांधी को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता ने उनके समाधि स्थल वीर भूमि आकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.

आत्मघाती बम धमाके में कर दी गई थी राजीव गांधी की हत्या

चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर में आज के दिन राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी. देश में आधुनिकता की नींव रखने वाले प्रधानमंत्री को आत्मघाती बम धमाके में उड़ा दिया गया. उनके साथ-साथ अन्य 16 लोग भी उस धमाके में मारे गए थे. बताया जाता है कि राजीव गांधी को फूलों का हार पहनाने के बहाने लिट्टे की एक महिला आतंकी ने अपने शरीर पर बंधे बम से उड़ा दिया.

क्यों लिट्टे ने की थी राजीव गांधी की हत्या

21 मई 1991 के दिन चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर में राजीव गांधी की बम धमाके में हत्या कर दी गई थी. दरअसल, राजीव गांधी ने श्रीलंका में एलटीटीई के खिलाफ शांति सेना भेजी थी. इस कारण तमिल विद्रोही संगठन लिट्टे (LTTE, लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) उनसे नाराज चल रहा था. वो राजीव गांधी की हत्या की योजना बना रहा था. जब 1991 में लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान में राजीव गांधी चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर पहुंचे तो लिट्टे ने उन्हें अपना निशाना बना लिया.

कैसे दिया घटना को अंजाम

21 मई 1991 के दिन चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर में जब राजीव गांधी से लोग मुलाकात कर रहे थे, उसी दौरान उन्हें फूलों का हार पहनाने के बहाने तेनमोजि राजरत्नम नाम की लिट्टे की महिला आतंकी आगे आई. राजीव गांधी के पास आकर महिला ने उनके पांव छूने नीचे झुकी, इसी दौरान उसने अपने कमर में बंधे बम में विस्फोट कर दिया. धमाका इतना जोरदार था कि हमलावर महिला और राजीव गांधी समेत 16 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.

राजीव गांधी ने ही दी थी आने की इजाजत

श्रीपेरंबदूर में जब राजीव गांधी लोगों से मिल रहे थे उसी दौरान एक महिला उनके पास आने की कोशिश कर रही थी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकी महिला को सुरक्षाकर्मी राजीव गांधी के पास आने से रोक रहे थे. लेकिन, खुद राजीव गांधी ने ही पुलिसकर्मी से कहा कि क्यों रोक रहे हैं, आने दीजिए. शायद यही राजीव गांधी की जिंदगी की सबसे बड़ी गलती साबित हुई. पास आकर महिला ने धमाका कर राजीव गांधी समेत 16 लोगों की जान ले ली.

कौन थे राजीव गांधी के हत्यारे

राजीव गांधी की हत्या में मुख्य रूप में लिट्टे संगठन के समूह के कोर सदस्य शामिल थे. राजीव गांधी पर मिन्हाज मर्चेंट की लिखी किताब ‘राजीव गांधी, इंड ऑफ ए ड्रीम’ के मुताबिक, हत्या के समय दस्ते के पांच सदस्य मौजूद थे. जिनके नाम धनु, शिवरासन, नलिनी, शुभा और हरिबाबू थे. वहीं किताब के मुताबिक विस्फोट के समय एक फोटो क्लिक कर रहे फोटोग्राफर हरिबाबू की धनु के साथ घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य तीन मौके से फरार हो गए. इन 9 हत्यारों में सिर्फ नलिनी को ही पुलिस ने जिंदा गिरफ्तार किया, बाकी की मौत आत्महत्या से हुई.

7 लोगों को मिली थी आजीवन कारावास की सजा

बता दें, राजीव गांधी हत्याकांड मामले में जिंदा बचे 7 लोगों को दोषी ठहराया गया था. कोर्ट ने सभी को मौत की सजा सुनाई गई थी. हालांकि, साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा को आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया था. वहीं, हत्याकांड में दोषी और उम्र कैद की सजा काट रहे एक दोषी एजी पेरारिवलन को सुप्रीम कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया है. एजी पेरारिवलन बीते 31 सालों से जेल में सजा काट रहे थे.‍BJP पर जमकर बरसे राहुल गांधी, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में सरकार पर बोला

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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