पंजाब और हरियाणा में बारिश का कहर, कम से कम 55 लोगों की मौत, राहत कार्य जारी

Published by :Agency
Published at :16 Jul 2023 9:22 AM (IST)
विज्ञापन
पंजाब और हरियाणा में बारिश का कहर, कम से कम 55 लोगों की मौत, राहत कार्य जारी

पंजाब के मानसा जिले में शनिवार को घग्गर नदी में दो जगह तटबंध टूट गए, जिसके बाद हरियाणा की सीमा से लगे कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. अधिकारियों ने कहा कि पहली दरार बुढलाडा में चांदपुरा बांध के पास एक तटबंध में और दूसरी सरदुलगढ़ क्षेत्र के रोड़की गांव में आई.

विज्ञापन

Punjab and Haryana Rain: पंजाब और हरियाणा में इस सप्ताह भारी बारिश के कारण आई बाढ़ का पानी कई इलाकों में कम होना शुरू हो गया है और दोनों राज्यों के प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी है. अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी. पंजाब के 14 और हरियाणा के 13 जिले बारिश से प्रभावित हुए हैं और दोनों राज्यों में वर्षा जनित हादसों में कम से कम 55 लोगों की मौत हो गई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में बारिश जनित घटनाओं में अब तक 29 लोगों की जान गई है जबकि हरियाणा में यह संख्या 26 है. पंजाब के बाढ़ प्रभावित विभिन्न जिलों में 25,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया. जबकि, हरियाणा में 5,300 लोगों को सुरक्षित निकाला गया.

हथिनीकुंड बैराज में शाम 6 बजे प्रवाह दर 53,370 क्यूसेक और रात 8 बजे 54,619 क्यूसेक

अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज में शाम 6 बजे प्रवाह दर 53,370 क्यूसेक और रात 8 बजे 54,619 क्यूसेक थी. अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जल-जनित बीमारियों का खतरा है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ऐसे किसी भी प्रकोप को रोकने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं और लोगों को दवाएं वितरित की जा रही हैं. बारिश और बाढ़ से पटियाला, मोगा, लुधियाना, मोहाली, जालंधर, संगरूर, पठानकोट, तरनतारन, फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, होशियारपुर, रूपनगर और एसबीएस नगर सहित पंजाब के 14 जिले प्रभावित हुए हैं. वहीं, भारी बारिश के कारण अंबाला, फतेहाबाद, फरीदाबाद, पंचकूला, झज्जर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, सोनीपत, पलवल, सिरसा और यमुनानगर सहित हरियाणा के 13 जिले प्रभावित हुए हैं.

हरियाणा की सीमा से लगे कई गांवों में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा

पंजाब के मानसा जिले में शनिवार को घग्गर नदी में दो जगह तटबंध टूट गए, जिसके बाद हरियाणा की सीमा से लगे कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. अधिकारियों ने कहा कि पहली दरार बुढलाडा में चांदपुरा बांध के पास एक तटबंध में और दूसरी सरदुलगढ़ क्षेत्र के रोड़की गांव में आई. उन्होंने बताया कि कई गांवों में बाढ़ को रोकने के लिए दरारों को भरने का काम जारी है, लेकिन पानी का तेज बहाव समस्या पैदा कर रहा है. जिला प्रशासन ने कहा कि गांवों में बाढ़ का पानी घुसने की स्थिति में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है.

दुष्यन्त चौटाला ने बाढ़ प्रभावित गांवों का किया निरीक्षण

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यन्त चौटाला ने शनिवार को फरीदाबाद जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया. चौटाला ने ट्रैक्टर से मंझावली का दौरा किया और नाव पर बागपत क्षेत्र में एवं मोहना-बागपत पुल के पास बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण किया. उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों को नावों की मदद से निकालने का निर्देश कहा. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन स्थानों पर नावें नहीं पहुंच सकती, वहां हेलीकॉप्टर से लोगों को निकाला जाए. उन्होंने यहां बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सूखा राशन, भोजन, पीने का पानी और दवाएं उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया.

500 से अधिक लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

जिला प्राधिकारियों ने सेना, सीमा सुरक्षा बल और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य किया. इस दौरान उन्होंने, सूखा राशन, दवाएं, पीने का पानी और पशुओं के लिए चारा भी वितरित किया. अधिकारियों ने बताया कि फरीदाबाद पुलिस और एनडीआरएफ के दलों के संयुक्त राहत कार्य के तहत शनिवार सुबह 500 से अधिक लोगों को फरीदाबाद के बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. अधिकारियों के मुताबिक, घग्गर नदी अब भी उफान पर है, जिससे संगरूर जिले के खनौरी और मूनक ब्लॉक जलमग्न हो गए है. वहीं, पटियाला जिले में शुतराणा, समाणा और सनौर इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए.

350 फुट चौड़ी दरार को भरने का काम जारी

उपमंडल मजिस्ट्रेट, पातड़ां (पटियाला) मनदीप कुमार ने शनिवार को बताया कि बाढ़ प्रभावित कुछ इलाकों से बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया है. अधिकारियों ने बताया कि पटियाला में प्राधिकारियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से मृत जानवरों को हटाने के लिए फोन आने शुरू हो गए हैं और इस संबंधी आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं. मानसा जिले में, शनिवार को सिधाणी गांव में घग्गर नदी के किनारे 30 फुट के कटाव के कारण कई गांवों में बाढ़ का खतरा है. जालंधर के लोहियां ब्लॉक मंडला छन्ना इलाके में सतलुज नदी के किनारे तटबंध में 350 फुट चौड़ी दरार को भरने का काम जारी है.

धान की किस्मों के मुफ्त पौधे कराएगी उपलब्ध

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंडला छन्ना में दरार को भरने के काम का निरीक्षण करने के लिए शुक्रवार को अपने जालंधर दौरे के दौरान उपायुक्त को गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल के नीचे नदी के तल से गाद और रेत को साफ करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि राज्य में भारी बारिश के कारण फसलों, मकानों और अन्य को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक विशेष गिरदावरी (नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण) की जाएगी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार अधिक उपज देने वाली धान की किस्मों के मुफ्त पौधे उपलब्ध कराएगी.

विज्ञापन
Agency

लेखक के बारे में

By Agency

Agency is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola