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Rafale : कौन है 'कश्मीरी' हिलाल अहमद राथर ? जो फ्रांस से भारत ला रहे हैं राफेल फाइटर प्लेन

Updated at : 29 Jul 2020 12:32 PM (IST)
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Rafale : कौन है 'कश्मीरी' हिलाल अहमद राथर ? जो फ्रांस से भारत ला रहे हैं राफेल फाइटर प्लेन

rafale fighter jet in india, rafale top speed and price deal, all you need to know about rafale aircrafts : फ्रांस से आ रहे 5 राफेल फाइटर प्लेन का जत्था अब से कुछ देर बाद भारत पहुंच जाएगा. राफेल को फ्रांस से भारत लाने के लिए पायलटों का नेतृत्व वायुसेना के एयर कॉमोडोर हिलाल अहमद रथर कर रहे हैं. हिलाल मूल रूप से कश्मिरी के रहने वाले हैं. कश्मीर में यह सूचना पहुंचते ही लोग जश्न मनाने लगे. साथ भी हिलाल पर गर्व करने की बात कहने लगे.

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Rafale : फ्रांस से आ रहे 5 राफेल फाइटर प्लेन का जत्था अब से कुछ देर बाद भारत पहुंच जाएगा. राफेल को फ्रांस से भारत लाने के लिए पायलटों का नेतृत्व वायुसेना के एयर कॉमोडोर हिलाल अहमद रथर कर रहे हैं. हिलाल मूल रूप से कश्मिरी के रहने वाले हैं. कश्मीर में यह सूचना पहुंचते ही लोग जश्न मनाने लगे. साथ भी हिलाल पर गर्व करने की बात कहने लगे.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार हिलाल अहमद रथर ही फाइटर प्लेन को फ्रांस से लाने वाले कैप्टन का नेतृत्व कर रहे हैं. यह फाइटर प्लेन दोपहर 2 बजे तक अंबाला एयरबेस पर पहुंच जाएगा. हिलाल के नेतृत्व की खबर सुनने के बाद दक्षिणी अनंतनाग स्थित उनके पैतृक घर पर जश्न मनाया जाने लगा.

3000 घंटे तक फाइटर प्लेन उड़ाने का अनुभव – इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार हिलाल अहमद रथर को वायुसेना के फाइटर प्लेन को उड़ाने का 3000 घंटे से भी अधिक समय का अनुभव है. वे वायुसेना के मिग-21 और मिराज फाइटर प्लेन उड़ाते हैं. हिलाल को 2010 में वायुसेना का मेडल से भी सम्मानित किया गया है. इसके अलावा उन्हें एनडीए के स्वॉर्ड ऑफ ऑनर के खिताब से भी नवाजा जा चुका है.

बता दें कि राफेल का कॉम्बैट रेडियस 3700, एफ-16 का 4200और जे-20 का 3400 किलोमीटर है. कॉम्बैट रेडियस का मतलब होता है अपनी उड़ान स्थल से जितनी दूर विमान जाकर सफलतापूर्वक हमला कर लौट सकता है, उसे विमान का कॉम्बैट रेडियस कहते हैं. राफेल में तीन तरह की मिसाइलें लगेंगी. हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर मिसाइल. हवा से जमीन में मार करने वाल स्कैल्प मिसाइल. तीसरी है हैमर मिसाइल. इन मिसाइलों से लैस होने के बाद राफेल काल बनकर दुश्मनों पर टूट पड़ेगा.

ये हैं राफेल के कीमत- 36 राफेल विमानों की कीमत 3402 मिलियन यूरो है. विमानों के स्पेयर पार्टस 1800 मिलियन यूरो के हैं, जबकि भारत के जलवायु के अनुरुप बनाने में 1700 मिलियन यूरो का खर्चा हुआ है. इसके अलावा परफॉर्मेंस बेस्ड लॉजिस्टिक का खर्चा करीब 353 मिलियन यूरो का है. एक विमान की कीमत करीब 90 मिलियन यूरो है यानी करीब 673 करोड़ रुपए. लेकिन इस विमान में लगने वाले हथियार, सिम्यूलेटर, ट्रैनिंग मिलाकर एक फाइटर जेट की कीमत करीब 1600 करोड़ रुपए पड़ेगी.

Also Read: Ambala Airbase पहुंचते ही तैनात होगा Rafale, दुश्मन की हर हरकत पर रहेगी नजर

Posted By : Avinish Kumar Mishra

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