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PUBG Ban: पबजी के चक्कर में पोते ने दादा के पेंशन अकाउंट से उड़ाए 2.3 लाख रुपये, ऐसे सामने आया सच

By Prabhat khabar Digital
Updated Date

ऐसे कई मामले हैं, जो साबित करते हैं कि पबजी एक गेम नहीं, बल्कि एक बीमारी था.
ऐसे कई मामले हैं, जो साबित करते हैं कि पबजी एक गेम नहीं, बल्कि एक बीमारी था.
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PUBG Ban, PUBG Ban in india: भारत में हाल ही प्रतिबंधित मोबाइल गेम पबजी बच्चों से किस तरह से 'कांड' करा सकता है इसका एक उदाहरण दिल्ली में मिला है. यहां एक 15 साल के किशोर ने पबजी खेलने के लिए अपने दादाजी के पेंशन अकाउंट का गलत इस्तेमाल किया और उसमें से 2 लाख रुपये से ज्यादा की रकम पबजी खेलने पर उड़ा दी. कई दिनों की चली जांच के बाद पुलिस ने सोमवार को ये खुलासा किया है.

पेंशन अकाउंट से पैसे गायब होने का सच जानकर सभी की आंखें फटी की फटी रह गई. एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, द्वारिका के डीसीपी एंटो अल्फोंस ने बताया कि दो महीने की अवधि में, लड़के ने अपने 65 वर्षीय दादा के खाते से 2.34 लाख रुपये ट्रांसफर किए. तब तक कि आदमी को ट्रांसफर के बारे में खबर नहीं थी. किशोर के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई होने की संभावना नहीं है क्योंकि उसके दादा ने इस मामले को जाने देने का फैसला किया है.

पबजी में कैसे खर्च किए पैसे

दरअसल, पबजी मोबाइल में अननोन कैश (यानी यूसी) की आवश्यकता होती है, जिसकी मदद से यूजर्स स्किन, क्रेट्स और अन्य आइटम खरीद सकते हैं. यूसी को इन-एप पर्चेज के जरिए खरीदा जा सकता है, जो एक फीचर है. दिल्ली के इस किशोर ने यूसी खरीदने के लिए पिछले दो महीने में कई पेमेंट की है, जिसमें कुल दो लाख 34 हजार रुपये खर्च हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक इस खरीददारी के लिए पेटीएम का इस्तेमाल किया गया.

डीसीपी अल्फोंस के मुताबिक, लड़के ने हमें बताया कि उनके पबजी खाते को किसी विशेष लेवल पर पहुंचने के बाद हैक कर लिया गया था. डीसीपी ने कहा कि 8 मई को शिकायतकर्ता के मोबाइल पर मैसेज आया कि उनके बैंक खाते से 2,500 रुपये डेबिट हुए हैं. जिससे उसके खाते में सिर्फ 275 रुपये रह गए थे. उन्होंने देखा कि बैंक ने दो महीने में कई किश्तों में अपने खाते से पेटीएम खाते में कुल 2.34 लाख रुपये ट्रांसफर किए हैं. उन्होंने तब हमसे संपर्क किया.

कैसे सुलझा मामला

पुलिस ने अगले कुछ महीनों में जांच नहीं की, लेकिन एक सितंबर को मामला उत्तरी दिल्ली पुलिस जिले की साइबर शाखा में ट्रांसफर कर दिया गया. डीसीपी ने बताया कि हमने उस आदमी की पहचान करने के लिए पेटीएम से संपर्क किया, जिसके खाते में पैसे ट्रांसफर किए जा रहे थे. किशोर ने हमें बताया कि उसके नाबालिग दोस्त ने उससे उसका पेटीएम आईडी और पासवर्ड उधार देने का अनुरोध किया था. इसके बाद ही हमें पता चला कि लड़का शिकायतकर्ता का पोता था. तब पूछताछ की गई तो उसने जानकारी दी. पबजी किस तरह दिमाग पर असर डालता है और कैसे एक अच्छा-खासा पढ़ने-लिखने वाला लड़का गलत राह पर चला जाता है.

Posted By: Utpal kant

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