Droupadi Murmu Address: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बोलीं- कोरोना के बाद नये भारत का हुआ उदय

**EDS: TWITTER IMAGE POSTED BY @rashtrapatibhvn ON SUNDAY, AUG. 14, 2022** New Delhi: President Droupadi Murmu addresses to the nation on the eve of the 76th Independence Day, in New Delhi. (PTI Photo)(PTI08_14_2022_000235A)
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 76वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में कहा कि प्रमुख आर्थिक सुधारों के साथ अभिनव कल्याणकारी पहल की जा रही है और दुनिया ने हाल के वर्षों में नये भारत को विकसित होते देखा है, विशेषकर कोरोना महामारी के प्रकोप के बाद.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu ) ने रविवार को कहा कि भारत ने दुनिया को लोकतंत्र की वास्तविक क्षमता का पता लगाने में मदद की है.उन्होंने कहा कि देश में आज संवेदनशीलता एवं करुणा के जीवन-मूल्यों को प्रमुखता दी जा रही है और इन जीवन-मूल्यों का मुख्य उद्देश्य वंचित, जरूरतमंद तथा समाज के हाशिये पर रहने वाले लोगों के कल्याण के वास्ते कार्य करना है.
कोरोना के बाद नये भारत को विकसित होते देखा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 76वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में कहा कि प्रमुख आर्थिक सुधारों के साथ अभिनव कल्याणकारी पहल की जा रही है और दुनिया ने हाल के वर्षों में नये भारत को विकसित होते देखा है, विशेषकर कोरोना महामारी के प्रकोप के बाद.
Also Read: Draupadi Murmu: विश्व नेताओं ने दी भारत की नयी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बधाई
देश की सुरक्षा, प्रगति और समृद्धि के लिए अपना सब कुछ अर्पण कर देने का संकल्प
राष्ट्रपति ने कहा कि जब भारत को स्वतंत्रता मिली, तो दुनिया के कई नेता और विशेषज्ञ थे, जिन्हें उस समय गरीबी और निरक्षरता के कारण भारत में सरकार के लोकतांत्रिक स्वरूप की सफलता के बारे में संशय था. उन्होंने कहा, हम भारतीयों ने संदेह जताने वाले लोगों को गलत साबित किया. इस मिट्टी में न केवल लोकतंत्र की जड़ें बढ़ीं, बल्कि समृद्ध भी हुईं. उन्होंने कहा, हमारे पास जो कुछ भी है वह हमारी मातृभूमि का दिया हुआ है. इसलिए हमें अपने देश की सुरक्षा, प्रगति और समृद्धि के लिए अपना सब कुछ अर्पण कर देने का संकल्प लेना चाहिए.
राष्ट्रपति ने भारत की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने का श्रेय सरकार को दिया
अपने 17 मिनट के संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि विश्व में चल रही आर्थिक कठिनाई के विपरीत, भारत की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने का श्रेय सरकार तथा नीति-निर्माताओं को जाता है. उन्होंने कहा कि देश का विकास अधिक समावेशी होता जा रहा है और क्षेत्रीय असमानताएं भी कम हो रही हैं.
महिलाओं और बेटियों से बड़ी उम्मीदें- राष्ट्रपति
भारत के नए आत्म-विश्वास का स्रोत देश के युवा, किसान और सबसे बढ़कर देश की महिलाएं हैं. अब देश में स्त्री-पुरुष के आधार पर असमानता कम हो रही हैं. महिलाएं अनेक रूढ़ियों और बाधाओं को पार करते हुए आगे बढ़ रही हैं. सामाजिक और राजनीतिक प्रक्रियाओं में उनकी बढ़ती भागीदारी निर्णायक साबित होगी. आज हमारी पंचायती राज संस्थाओं में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की संख्या चौदह लाख से कहीं अधिक है. हमारे देश की बहुत सी उम्मीदें हमारी बेटियों पर टिकी हुई हैं. समुचित अवसर मिलने पर वे शानदार सफलता हासिल कर सकती हैं. अनेक बेटियों ने हाल ही में सम्पन्न हुए राष्ट्रमंडल खेलों में देश का गौरव बढ़ाया है. हमारे खिलाड़ी अन्य अंतर-राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश को गौरवान्वित कर रहे हैं. हमारे बहुत से विजेता समाज के वंचित वर्गों में से आते हैं. हमारी बेटियां fighter-pilot से लेकर space scientist होने तक हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




