World Population Day : विश्व की तेजी से बढ़ रही जनसंख्या, जानें, कब भारत बनेगा सबसे ज्यादा आबादी वाला देश

Prabhat Khabar Special: संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वर्ष 2050 की सबसे बड़ी चुनौती होगी लोगों का पेट भरना. उस वक्त तक दुनिया की आबादी बढ़कर 9 अरब हो जायेगी. और इन लोगों को सेहतमंद रखने के लिए पोषक आहार देना बड़ी चुनौती होगी.
World Population Day Special: वर्ष 2011 में विश्व की आबादी 7 अरब हुई थी. वर्ष 2021 में विश्व की आबादी 7.8 अरब थी. वर्ष 2031 में दुनिया की आबादी बढ़कर 8.6 अरब हो जायेगी. पिछले एक दशक में दुनिया की आबादी 1.1 फीसदी की दर से बढ़ रही थी. इस पर अब जाकर ब्रेक लगा है. इस वक्त दुनिया की आबादी 0.9 फीसदी प्रति वर्ष की दर से बढ़ रही है.
यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड (UNFPA) के आंकड़े बताते हैं कि दुनिया में सबसे तेजी से सब-सहारा अफ्रीका में आबादी बढ़ रही है. 2.5 फीसदी की दर से. UNFPA ने कहा है कि वर्ष 2031 में भारत की आबादी 151 करोड़ हो जायेगी. उस वक्त भारत की आबादी चीन से भी ज्यादा होगी. यानी दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश भारत बन जायेगा.
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संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वर्ष 2050 की सबसे बड़ी चुनौती होगी लोगों का पेट भरना. उस वक्त तक दुनिया की आबादी बढ़कर 9 अरब हो जायेगी. और इन लोगों को सेहतमंद रखने के लिए पोषक आहार देना बड़ी चुनौती होगी. यह तभी संभव हो पायेगा, जब विकसित राष्ट्रों का कृषि उत्पादन 60 फीसदी बढ़े और विकासशील देश अपने उत्पादन को दोगुना करें. यानी 100 फीसदी वृद्धि.
बहरहाल, इस वक्त भारत की आबादी 140.66 करोड़ हो चुकी है. जनसंख्या 0.9 फीसदी प्रति वर्ष की दर से बढ़ रही है. भारत ने कई मामलों में बहुत तरक्की कर ली है, लेकिन कई पैमानों पर अब भी उसका प्रदर्शन बहुत खराब है. बाल विवाह अब तक पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. 27 फीसदी बच्चियों की शादी 18 साल की उम्र से पहले हो जाती है.
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25 फीसदी आबादी 0-14 साल के बीच
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18 फीसदी आबादी 10-19 साल के बीच
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27 फीसदी आबादी 10-24 साल की उम्र की
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68 फीसदी आबादी 15-64 साल के बीच
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07 फीसदी आबादी 65 साल या इससे अधिक
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प्रजनन दर 2.1 प्रति महिला
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पुरुषों की जीवन प्रत्याशा – 69 साल
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महिलाओं की जीवन प्रत्याशा – 72 साल
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81 फीसदी प्रसव कुशल स्वास्थ्यकर्मी की निगरानी में हुए (2014 से 2020 के बीच )
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1000 में 12 किशोरियां (15 से 19 साल) बच्चों को जन्म देती हैं (वर्ष 2004-2020)
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18 फीसदी महिलाओं को अपने पार्टनर की हिंसा झेलनी पड़ती है
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1000 में 62 महिलाएं (15 से 49 साल) अनचाहे गर्भवती हुईं (2015-2019)
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मातृ मृत्यु दर 145 (1 लाख महिला में से 145 की मौत बच्चे के जन्म के समय या उसके बाद हो जाती है)
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81 फीसदी प्रसव कुशल स्वास्थ्यकर्मी की देखरेख में होते हैं
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1000 में 0.04 व्यक्ति एचआईवी से संक्रमित हुआ वर्ष 2020 में
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वैश्विक स्वास्थ्य कवरेज इंडेक्स में भारत का स्थान 61वां है (वर्ष 2019 में)
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74 फीसदी लोग परिवार नियोजन के उपाय करते हैं
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44 फीसदी महिलाएं अपनाती हैं परिवार नियोजन के उपाय
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57 फीसदी शादीशुदा या लिव इन में रहने वाली महिलाएं परिवार नियोजन के उपाय अपनाती हैं
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15 से 49 साल की महिलाएं, जो गर्भनिरोधक उपाय अपनाती हैं
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39 फीसदी महिलाएं
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51 फीसदी महिलाएं शादीशुदा हैं या लिव-इन में रह रही हैं
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09 फीसदी महिलाएं
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12 फीसदी शादीशुदा या लिव-इन में रहने वाली
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74 फीसदी महिलाएं आधुनिक गर्भनिरोधक उपायों से संतुष्ट हैं
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95 फीसदी बच्चों का प्राइमरी स्कूल में दाखिला कराया जाता है
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85 फीसदी बच्चे लोअर सेकेंड्री की पढ़ाई करते हैं
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58 फीसदी बच्चे अपर सेकेंड्री की पढ़ाई करते हैं
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By Mithilesh Jha
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