कोरोना संकट में पितृपक्ष मेले का आयोजन नहीं, गया में पिंडदान के पहले जानें हर जरूरी नियम

पितृ पक्ष में पितरों की मुक्ति के लिए दान और धर्म किए जाते हैं. बिहार के गया में भी पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध करने वालों की भीड़ उमड़ती है. इस साल भी कोरोना संकट के कारण विश्व प्रसिद्ध पितृ पक्ष मेले का आयोजन नहीं किया जा रहा है. हालांकि, पिंड दान करने वालों को पिंडदान की अनुमति दी गई है.
Pitru Paksha 2021: पितृ पक्ष के महीने में पूर्वजों को याद करके दान और धर्म करने की परंपरा है. पितृ पक्ष का हिंदू धर्म में खास महत्व है. इस साल 20 सितंबर से पितृ पक्ष की शुरुआत हो रही है, जो 6 अक्टूबर तक चलेगा. पितृ पक्ष आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होकर अमावस्या तक रहता है. पितृ पक्ष में पितरों की मुक्ति के लिए दान और धर्म किए जाते हैं. बिहार के गया में भी पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध करने वालों की भीड़ उमड़ती है. इस साल भी कोरोना संकट के कारण विश्व प्रसिद्ध पितृ पक्ष मेले का आयोजन नहीं किया जा रहा है. हालांकि, पिंड दान करने वालों को पिंडदान की अनुमति दी गई है.
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