केरल: गौर के हमले में व्यक्ति की दर्दनाक मौत; सदमे में रिश्तेदार की भी हार्ट अटैक से मौत, गांव में पसरा मातम
केरल के कोझिकोड में गौर के हमले में सुनील की मौत हो गई. फोटो- सोशल मीडिया
केरल के कोझिकोड में एक गौर के हमले में 40 वर्षीय सुनील की दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना के सदमे से उनके चचेरे भाई विजेश की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई. परिवार में दो मौतों से मातम पसर गया है.
केरल के कोझिकोड के पास विलंगड इलाके में शनिवार (29 अगस्त) को गौर के हमले में 40 वर्षीय सुनील की मौत हो गई. सुनील वायाड कॉलोनी के रहने वाले थे. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सुनील वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर रिहायशी इलाके में घुसे गौरों के झुंड को भगाने की कोशिश कर रहे थे. तभी एक गौर ने उन पर हमला कर दिया. एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, सुनील ने गौर को रोकने के लिए हाथ बढ़ाया ही था कि उसने उन पर हमला बोल दिया. गंभीर चोट लगने से सुनील की मौत हो गई. सुनील अपने परिवार में कमाने वाले अकेले सदस्य थे, और उनकी अचानक मृत्यु ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है.
सुनील की गौर हमले में मौत, सदमे से चचेरे भाई की भी मृत्यु
पोस्टमार्टम के बाद शनिवार रात करीब 11 बजे सुनील का शव उनके घर लाया गया. पुलिस के मुताबिक, सुनील की मौत की खबर से उनके चचेरे भाई विजेश को गहरा सदमा लगा. कुछ ही समय बाद उन्हें दिल का दौरा आया और उनकी भी मौत हो गई. एक ही घटना के बाद परिवार में दो मौतों से पूरे इलाके में मातम पसर गया.
अंतिम संस्कार रोककर ग्रामीणों का प्रदर्शन
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने दोनों शवों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इलाके में जंगली जानवरों की समस्या का पक्का समाधान करने का भरोसा नहीं मिलता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. ग्रामीणों ने सुनील के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है.
ग्रामीणों के प्रदर्शन के पीछे का मुख्य कारण जंगली जानवरों से लगातार हो रहा नुकसान है.
गौरों के हमले और फसल नुकसान से नाराज ग्रामीण
ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में गौर लगातार घूम रहे हैं और अब इंसानों के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं. इनकी वजह से लोगों में डर का माहौल है और फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है. कुछ ग्रामीणों ने गौरों को मारने की मांग तक की है.
हमला करने वाले गौर की पहचान जरूरी
स्थानीय विधायक के एम अभिजीत ने कहा कि कार्रवाई से पहले उस गौर की पहचान करना जरूरी है, जिसने सुनील पर हमला किया था. उन्होंने बताया कि शनिवार रात अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की गई. विधायक के अनुसार, वन विभाग ने इलाके से गौरों के झुंड को भगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है.
सरकार जल्द लेगी फैसला
विधायक ने बताया कि ऐसे मामलों में फिलहाल 14 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है और पांच लाख रुपये की पहली किस्त जल्द परिवार को दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सुनील पर हमला करने वाले गौर को मारने और स्थानीय मांगों पर सरकार जल्द कोई फैसला लेगी.
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