Pariksha Pe Charcha 2021 : पीएम मोदी बने काउंसलर, कहा -एग्जाम जीवन को गढ़ने का एक अवसर है, उसे उसी रूप में लेना चाहिए

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Pariksha Pe Charcha 2021 : हमारे यहां परीक्षा के लिए एक शब्द है- कसौटी. मतलब खुद को कसना है, लेकिन ऐसा नहीं है कि परीक्षा आखिरी मौका है. बल्कि एग्जाम तो एक प्रकार से एक लंबी जिंदगी जीने के लिए अपने आप को कसने का उत्तम अवसर है. उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने आज विद्यार्थियों से परीक्षा पे चर्चा 2021 के दौरान कही.

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Pariksha Pe Charcha 2021 : हमारे यहां परीक्षा के लिए एक शब्द है- कसौटी. मतलब खुद को कसना है, लेकिन ऐसा नहीं है कि परीक्षा आखिरी मौका है. बल्कि एग्जाम तो एक प्रकार से एक लंबी जिंदगी जीने के लिए अपने आप को कसने का उत्तम अवसर है. उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज विद्यार्थियों से परीक्षा पे चर्चा 2021 के दौरान कही.

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परीक्षा जीवन का अंत नहीं है इसलिए इसे सपनों का अंत मानकर उससे जीवन मरण का प्रश्न नहीं जोड़ना चाहिए. एग्जाम जीवन को गढ़ने का एक अवसर है, एक मौका है उसे उसी रूप में लेना चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं देशवासियों, अभिभावकों, अध्यापकों को बताना चाहता हूं कि ये परीक्षा पर चर्चा है लेकिन सिर्फ परीक्षा की ही चर्चा नहीं है. हम इसमें कई और मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे. बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने की भी चर्चा हो सकती है.

पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों जैसे आप अपने घर में बैठ कर बातें करते हैं दोस्तों से चर्चा करते हैं बस वैसे ही आपको ये चर्चा भी करनी है. पीएम ने कहा कि पिछले एक साल से हम कठिन जिंदगी जी रहे हैं कोरोना ने हमारे जीवन को कठिन कर दिया है जिसके कारण संघर्ष करते हुए हर कोई नया इनोवेशन कर रहा है. यही कारण है कि इस बार मैं आपके बीच नहीं हूं बल्कि डिजिटल चर्चा हम कर रहे हैं.

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पीएम मोदी ने कहा पहले मां-बाप बच्चों से ज्यादा जुड़े होते थे, वे ना सिर्फ उनकी पढ़ाई और करियर की चिंता करते थे बल्कि उसक संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास करते थे, जिसके कारण बच्चे उनसे ज्यादा जुड़े होते थे और सहज होते थे.

आजकल मां-बाप बच्चों से केवल करियर, पढ़ाई सिलेबस तक इंवॉल्व रहते हैं. यह ठीक नहीं है,अगर मां-बाप ज्यादा इंवॉल्व रहते हैं, तो बच्चों की रुचि, प्रकृति, प्रवृत्ति को समझते हैं और बच्चों की कमियों को भरते हैं.

Posted By : Rajneesh Anand

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