Pahalgam Terrorist Attack: टूरिस्ट प्लेस, होटल और सड़कें सुनसान! पहलगाम में हमले के एक महीने बाद ऐसा है मंजर

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Pahalgam Terrorist Attack after month

Pahalgam Terrorist Attack after month

Pahalgam Terrorist Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आज ही के दिन ठीक एक महीना पहले 22 मई को पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी कर 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी. आतंकवादियों ने पहली बार जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों को अपना निशाना बनाया. आतंकियों ने बर्बरता की सारे हदें पार कर दी और पर्यटकों से उनके नाम, धर्म पूछकर गोली मारी. महिलाओं और बच्चों को छोड़ दिया. उस दर्दनाक हमले की पूरी दुनिया ने निंदा की. पहलगाम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पर्यटन पर गहरा असर देखने को मिल रहा है.

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Pahalgam Terrorist Attack: पहलगाम आतंकवादी हमले का एक महीना पूरा हो गया है. आज भी 26 पर्यटकों की हत्या से घाव भरा नहीं है. भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान और POK में 9 आतंकवादी ठिकानों को तबाह कर उस गहरे घाव को भरने की थोड़ी कोशिश की है. भारत का एक-एक नागरिक उस हमले को जिंदगी भर नहीं भूल सकता है. पहलगाम आतंकवादी हमले का दर्द और गुस्सा पूरे देश में है, लेकिन सबसे गहरा असर जम्मू-कश्मीर पर्यटन पर पड़ा है. Pahalgam Terrorist Attack के एक महीने बाद भी पहलगाम में पर्यटकों की संख्या बेहद कम है. पर्यटक स्थल, होटल और सड़कें सुनसान दिखाई देती हैं.

स्थानीय व्यापारियों का व्यावसाय ठप

पहलगाम आतंकी हमले के बाद स्थानीय लोगों के व्यावसाय पर असर पड़ा है. टट्टू चालक, घोड़े-खच्चर वाले, वाहन चालक सभी के व्यावसाय पर असर पड़ा है. स्थानीय व्यापारी मोहम्मद अशरफ ने कहा, “मेरा मुख्य व्यवसाय वाहनों से जुड़ा है, जो पर्यटन से जुड़ा है. पहलगाम में पर्यटकों की हत्या हुए एक महीना हो गया है. ऐसा नहीं होना चाहिए था. उन आतंकवादियों ने जो किया, वह नहीं होना चाहिए था. उस दिन से पहलगाम सुनसान है. हमारे पास ये सभी गाड़ियां हैं, लेकिन उन्हें किराए पर देने वाला कोई नहीं है. फिर भी, हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में या अगले साल पर्यटन फिर से फलेगा-फूलेगा। हमें सरकार पर 100% भरोसा है कि चीजें एक बार फिर से बेहतर होंगी. अब हम यात्रा (अमरनाथ यात्रा) पर अपनी उम्मीदें टिकाए हुए हैं, जिससे हमें थोड़ी कमाई हो जाएगी. अभी, कोई पर्यटक नहीं है…मैं 55 साल का हूं, मैंने आतंकवाद देखा है. लेकिन यह पहली बार है जब पहलगाम में हमला हुआ है…यह हमारा दुर्भाग्य था. ऐसा नहीं होना चाहिए था.”

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पहलगाम आतंकवादी हमले का लिया बदला

भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के ठीक 15 दिन बाद पाकिस्तान और POK पर एयर स्ट्राइक किया और 9 आतंकवादी ठिकानों को उड़ा दिया. जिसमें जैश और लश्कर के ठिकानें भी शामिल थे. भारत के भारत के हमले में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान बौखला गया और भारत पर ड्रोन-मिसाइल से हमला करने की कोशिश की. जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया. भारत के जवाबी हमले में 30 से 40 पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए. भारत ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम और एयर बेस को तबाह कर दिया.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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