Pahalgam Terrorist Attack: टूरिस्ट प्लेस, होटल और सड़कें सुनसान! पहलगाम में हमले के एक महीने बाद ऐसा है मंजर
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 22 May 2025 4:08 PM
Pahalgam Terrorist Attack after month
Pahalgam Terrorist Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आज ही के दिन ठीक एक महीना पहले 22 मई को पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी कर 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी. आतंकवादियों ने पहली बार जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों को अपना निशाना बनाया. आतंकियों ने बर्बरता की सारे हदें पार कर दी और पर्यटकों से उनके नाम, धर्म पूछकर गोली मारी. महिलाओं और बच्चों को छोड़ दिया. उस दर्दनाक हमले की पूरी दुनिया ने निंदा की. पहलगाम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पर्यटन पर गहरा असर देखने को मिल रहा है.
Pahalgam Terrorist Attack: पहलगाम आतंकवादी हमले का एक महीना पूरा हो गया है. आज भी 26 पर्यटकों की हत्या से घाव भरा नहीं है. भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान और POK में 9 आतंकवादी ठिकानों को तबाह कर उस गहरे घाव को भरने की थोड़ी कोशिश की है. भारत का एक-एक नागरिक उस हमले को जिंदगी भर नहीं भूल सकता है. पहलगाम आतंकवादी हमले का दर्द और गुस्सा पूरे देश में है, लेकिन सबसे गहरा असर जम्मू-कश्मीर पर्यटन पर पड़ा है. Pahalgam Terrorist Attack के एक महीने बाद भी पहलगाम में पर्यटकों की संख्या बेहद कम है. पर्यटक स्थल, होटल और सड़कें सुनसान दिखाई देती हैं.
#WATCH | J&K: Tourist footfall in Pahalgam remains extremely low even after a month of #PahalgamTerroristAttack. Tourist attractions, hotels, and streets appear deserted. pic.twitter.com/8DsFhGFTgq
— ANI (@ANI) May 22, 2025
स्थानीय व्यापारियों का व्यावसाय ठप
पहलगाम आतंकी हमले के बाद स्थानीय लोगों के व्यावसाय पर असर पड़ा है. टट्टू चालक, घोड़े-खच्चर वाले, वाहन चालक सभी के व्यावसाय पर असर पड़ा है. स्थानीय व्यापारी मोहम्मद अशरफ ने कहा, “मेरा मुख्य व्यवसाय वाहनों से जुड़ा है, जो पर्यटन से जुड़ा है. पहलगाम में पर्यटकों की हत्या हुए एक महीना हो गया है. ऐसा नहीं होना चाहिए था. उन आतंकवादियों ने जो किया, वह नहीं होना चाहिए था. उस दिन से पहलगाम सुनसान है. हमारे पास ये सभी गाड़ियां हैं, लेकिन उन्हें किराए पर देने वाला कोई नहीं है. फिर भी, हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में या अगले साल पर्यटन फिर से फलेगा-फूलेगा। हमें सरकार पर 100% भरोसा है कि चीजें एक बार फिर से बेहतर होंगी. अब हम यात्रा (अमरनाथ यात्रा) पर अपनी उम्मीदें टिकाए हुए हैं, जिससे हमें थोड़ी कमाई हो जाएगी. अभी, कोई पर्यटक नहीं है…मैं 55 साल का हूं, मैंने आतंकवाद देखा है. लेकिन यह पहली बार है जब पहलगाम में हमला हुआ है…यह हमारा दुर्भाग्य था. ऐसा नहीं होना चाहिए था.”
#WATCH | Pahalgam, J&K: A local businessman, Mohammad Ashraf says, "…My main business pertains to vehicles, which is related to tourism. It has been a month since tourists were killed (in Pahalgam). This should not have happened. What those terrorists did should not have… pic.twitter.com/9bcenvueJO
— ANI (@ANI) May 22, 2025
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पहलगाम आतंकवादी हमले का लिया बदला
भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के ठीक 15 दिन बाद पाकिस्तान और POK पर एयर स्ट्राइक किया और 9 आतंकवादी ठिकानों को उड़ा दिया. जिसमें जैश और लश्कर के ठिकानें भी शामिल थे. भारत के भारत के हमले में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान बौखला गया और भारत पर ड्रोन-मिसाइल से हमला करने की कोशिश की. जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया. भारत के जवाबी हमले में 30 से 40 पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए. भारत ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम और एयर बेस को तबाह कर दिया.

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By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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