Owaisi on PM Modi: 'चीन का नाम लेने का मिलेगा साहस', ओबामा विवाद पर बोले ओवैसी, मणिपुर को लेकर भी कसा तंज

Published by : Pritish Sahay Updated At : 27 Jun 2023 10:19 AM

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ओवैसी ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया है. अपने ट्वीट में ओवैसी ने लिखा है कि 'मोदी जी की विदेश यात्रा से उन्हें चीन की दादागिरी के आगे झुकने के बजाय अब उसका नाम लेने का साहस मिलेगा. उन्होंने कहा कि मणिपुर बीते आठ हफ्तों से सुलग रहा है, ऐसे में पीएम मोदी मणिपुर पर भी अपनी चुप्पी तोड़ेंगे.

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Owaisi On Obama Row: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हाल ही में भारत में मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर एक बयान दिया था. ओबामा के उस बयान को लेकर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी को घेर रही है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि मोदी जी की विदेश यात्रा से उन्हें मणिपुर संकट और चीनी घुसपैठ पर अपनी चुप्पी तोड़ने का साहस मिलेगा.

ओवैसी ने किया ट्वीट
ओवैसी ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया है. अपने ट्वीट में ओवैसी  ने लिखा है कि ‘मोदी जी की विदेश यात्रा से उन्हें चीन की दादागिरी के आगे झुकने के बजाय अब उसका नाम लेने का साहस मिलेगा. उन्होंने कहा कि मणिपुर बीते आठ हफ्तों से सुलग रहा है, ऐसे में पीएम मोदी मणिपुर पर भी अपनी चुप्पी तोड़ेंगे. ओवैसा ने आरोप लगाते हुए कहा कि मणिपुर में राज्य के शस्त्रागार से 4000 से ज्यादा हथियार लूट लिए गए और किसी के भी खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है.

ओबामा पर अटैक करने वाले मंत्रियों की संख्या कही ज्यादा
ओवैसी ने मीडिया पर भी तंज कसते हुए कहा कि कश्मीर की बात तो छोड़ दीजिए, विपक्ष की ओर से शासित किसी भी राज्य में इसका एक अंश भी होने पर हमारी मीडिया के सुनियोजित आक्रोश की कल्पना कीजिए. एनडीए सरकार पर हमला करते हुए ओवैसी ने कहा कि दावा किया कि जितने मंत्री चीन का नाम लेने को इच्छुक हैं उससे कहीं अधिक मंत्री अमेरिका के एक पूर्व राष्ट्रपति पर हमला करने के इच्छुक हैं.

गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पीएम मोदी की यात्रा के दौरान भारत में मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर जो बयान दिया था उसपर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा समेत कई और एनडीए नेताओं ने प्रतिक्रिया दी थी. वहीं, ओवैसी ने कहा कि वो केन्द्रीय वित्त मंत्री को बताना चाहते है कि भारत के 20 करोड़ मुसलमानों का सऊदी अरब, मिस्र और ईरान के नेताओं और मुसलमानों से कोई लेना देना नहीं है.

क्या था बराक ओबामा का बयान
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि अगर धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों के अधिकारों को बरकरार नहीं रखा गया, तो भारत टूट सकता है. उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति के मुस्लिम वंश के संदर्भ में यह भी सुझाव दिया कि जो बाइडन और पीएम मोदी की चर्चा के दौरान इस मुद्दे का उल्लेख करना उचित है. 

ओबामा ने यह भी कहा कि उन्होंने कहा कि अगर वो पीएम मोदी से बातचीत करते तो उनकी एजेंडा में भारतीय अल्पसंख्यकों की रक्षा पर भी फोकस होता. ओबामा ने यह भी कहा कि वो पीएम मोदी से कहते कि अगर आप भारत में जातीय अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने में समर्थ नहीं हैं, तो इस बात की काफी संभावना है कि भारत किसी बिंदु पर टूटना शुरू कर देगा.

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Pritish Sahay

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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