‍NSA अजीत डोभाल ICET के लिए जाएंगे वाशिंगटन डीसी, अमेरिका के शीर्ष नेतृत्व से करेंगे अहम वार्ता

Author Agency
Updated:
विज्ञापन
‍NSA अजीत डोभाल ICET के लिए जाएंगे वाशिंगटन डीसी, अमेरिका के शीर्ष नेतृत्व से करेंगे अहम वार्ता

NSA अजित डोभाल ICET पर पहली उच्च-स्तरीय बैठक के तहत अपने अमेरिकी समकक्ष जेक सुलिवन सहित शीर्ष अमेरिकी नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बातचीत करेंगे.

विज्ञापन

Ajit Doval to visit Washington DC: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल इनीशिएटिव फॉर क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (ICET) पर पहली उच्च-स्तरीय बैठक के तहत अपने अमेरिकी समकक्ष जेक सुलिवन सहित शीर्ष अमेरिकी नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बातचीत करेंगे. अधिकारियों, शिक्षाविदों और उद्योग के विशेषज्ञों का मानना ​​है कि भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के बाद यह वार्ता दोनों देशों के बीच के संबंधों में अगला बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है.

सोमवार को वाशिंगटन पहुंचेंगे अजीत डोभाल

एनएसए अजीत डोभाल आईसीईटी के लिए सोमवार को वाशिंगटन पहुंचेंगे. महत्वाकांक्षी आईसीईटी बैठक के एजेंडे को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है. इस बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी 31 जनवरी को व्हाइट हाउस में दोनों पक्षों के बीच बैठक की समाप्ति के बाद दिए जाने की संभावना है. भारत और अमेरिका को उम्मीद है कि यह बैठक दोनों देशों के कॉरपोरेट क्षेत्रों के बीच एक विश्वसनीय भागीदार पारिस्थितिकी तंत्र के विकास की नींव रखेगी, ताकि स्टार्टअप की संस्कृति से फल-फूल रही सार्वजनिक-निजी साझेदारी पर जोर देने वाले दोनों देश वैज्ञानिक अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तानाशाही हुकूमतों के कारण उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें.

बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका पहुंचेंगे डोभाल

इससे पहले मई, 2022 में तोक्यो में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की द्विपक्षीय मुलाकात के बाद जारी एक संयुक्त बयान में पहली बार आईसीईटी का जिक्र किया गया था. डोभाल असामान्य रूप से बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका पहुंच रहे हैं, जिसमें सचिव स्तर के 5 अधिकारी और उन भारतीय कंपनियों का कॉरपोरेट नेतृत्व शामिल है, जो भारत में कुछ अत्याधुनिक अनुसंधान कर रहे हैं. एनएसए के साथ अमेरिका जाने वाले सचिव स्तर के पांच अधिकारियों में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष एस सोमनाथ, प्रधानमंत्री के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद, रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार जी सतीश रेड्डी, दूरसंचार विभाग के सचिव के राजाराम और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के महानिदेशक समीर वी कामत शामिल हैं.

सहयोग के लिए 6 क्षेत्रों की हुई पहचान

आईसीईटी के तहत दोनों देशों ने सहयोग के 6 क्षेत्रों की पहचान की है. दोनों देशों के बीच सहयोग सह-विकास और सह-उत्पादन के सिद्धांत पर आधारित होगा, जिसे धीरे-धीरे क्वाड फिर नाटो (NATO) और फिर यूरोप और बाकी दुनिया में विस्तारित किया जाएगा. इसका मकसद बाकी दुनिया को ऐसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां प्रदान करना है, जो तुलनात्मक रूप से काफी सस्ती हों. भारत और अमेरिका ने आईसीईटी के तहत सहयोग के लिए जिन 6 क्षेत्रों की पहचान की है, उनमें वैज्ञानिक अनुसंधान एवं विकास, क्वांटम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा नवाचार, अंतरिक्ष तथा 6जी और सेमीकंडक्टर जैसी उन्नत संचार पद्धतियां शामिल हैं.

विज्ञापन
Agency

लेखक के बारे में

By Agency

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola