ePaper

NSE फोन टैपिंग : मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त की जमानत अर्जी पर ED को नोटिस, हाईकोर्ट ने CBI से मांगा जवाब

Updated at : 16 Aug 2022 1:53 PM (IST)
विज्ञापन
NSE फोन टैपिंग : मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त की जमानत अर्जी पर ED को नोटिस, हाईकोर्ट ने CBI से मांगा जवाब

न्यायाधीश जसमीत सिंह ने संजय पांडेय और उनकी कंपनी आईसेक सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी कर उससे भी जवाब मांगा.

विज्ञापन

नई दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के कर्मचारियों की कथित अवैध फोन टैपिंग और जासूसी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडेय की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का रुख जानना चाहा. न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने संजय पांडेय की जमानत अर्जी पर ईडी को नोटिस जारी करते हुए उसे स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.

अदालत ने सीबीआई से मांगा जवाब

इसके साथ ही, न्यायाधीश जसमीत सिंह ने संजय पांडेय और उनकी कंपनी आईसेक सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी कर उससे भी जवाब मांगा. इन याचिकाओं में कथित फोन टैपिंग के संबंध में एजेंसी द्वारा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की गई है.

क्या है मामला

सीबीआई के मुताबिक, आईसेक ने अन्य आरोपियों के साथ साजिश रचते हुए 2009 से 2017 के बीच एनएसई में एमटीएनएल लाइनों को अवैध रूप से इंटरसेप्ट (फोन कॉल पर गुप्त रूप से नजर रखना) किया और विभिन्न एनएसई अधिकारियों के कॉल रिकॉर्ड किए. जांच एजेंसी का आरोप है कि आईसेक द्वारा सक्षम प्राधिकारियों की अनुमति के बिना टेलीफोन की निगरानी की गई थी, जो भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम के प्रावधानों के खिलाफ है. यही नहीं, सीबीआई का यह भी आरोप है कि एनएसई कर्मचारियों को उनके फोन कॉल रिकॉर्ड करने की न तो जानकारी दी गई थी, न ही इस बाबत उनकी सहमति ली गई थी.

न्यायिक हिरासत में हैं संजय पांडेय

ईडी ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडेय को 19 जुलाई को गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. जमानत अर्जी खारिज करने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाले पांडेय की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने हाईकोर्ट से याचिका पर जल्द सुनवाई करने की अपील की. उन्होंने कहा कि पांडेय एक वरिष्ठ नागरिक हैं. वह पुलिस आयुक्त रह चुके हैं. वह भागने वाले नहीं हैं.

Also Read: NSE Co Location Scam: मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त गिरफ्तार, एनएसई को-लोकेशन घोटाला मामले में हुई कार्रवाई
सीबीआई की प्राथमिकी रद्द करने की मांग

पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडेय की तरफ से यह भी तर्क दिया गया कि सीबीआई की प्राथमिकी को इस आधार पर रद्द कर दिया जाना चाहिए कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त के खिलाफ ऐसा कोई अपराध नहीं बनता है, जैसा कि जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है. सीबीआई से जुड़े मामले में प्राथमिकी रद्द करने की मांग वाली याचिका में पांडे ने आरोप लगाया है कि यह प्राथमिकी उनके खिलाफ ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ की भावना के तहत दर्ज की गई है. याचिका में यह भी कहा गया है कि प्राथमिकी ‘पूरी तरह से बेबुनियाद’ है और ‘कोई अपराध नहीं’ किया गया है. मामले में अगली सुनवाई सितंबर में होगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola