'अग्निपथ योजना में हस्तक्षेप करने की कोई वजह नहीं', हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Feb 2023 11:29 AM
अग्निपथ योजना में हस्तक्षेप करने की कोई वजह नजर नहीं आती. हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए जानें क्या कहा
दिल्ली हाई कोर्ट ने सशस्त्र बलों में भर्ती संबंधी केंद्र की अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सोमवार को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि अग्निपथ योजना को राष्ट्रीय हित और सशस्त्र बलों की बेहतरी के लिए लाया गया है. अग्निपथ योजना में हस्तक्षेप करने की कोई वजह नजर नहीं आती.
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि अग्निपथ योजना में हस्तक्षेप करने की कोई वजह नजर नहीं आती. आपको बता दें कि पीठ ने पिछले साल 15 दिसंबर को याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
गौर हो कि केंद्र ने पिछले साल 14 जून को अग्निपथ योजना शुरू की थी, जिसके तहत सशस्त्र बलों में युवाओं की भर्ती के लिए नियम निर्धारित किये गये हैं. इन नियमों के अनुसार साढ़े 17 से 21 वर्ष की उम्र के लोग आवेदन करने के पात्र हैं और उन्हें चार साल के लिए सशस्त्र बलों में भर्ती किया जाएगा. चार साल के बाद इनमें से 25 प्रतिशत को नियमित सेवा का मौका दिया जाएगा.
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अग्निपथ योजना के ऐलान के बाद कई राज्यों में इसके खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गये थे. बाद में सरकार ने साल 2022 के लिए भर्ती की अधिकतम उम्र सीमा बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी थी. दिल्ली हाई कोर्ट ने सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए केंद्र की अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सोमवार को खारिज करते हुए कहा कि इस योजना को राष्ट्रीय हित और सशस्त्र बल को बेहतर बनाने के लिए लाया गया है.
भाषा इनपुट के साथ
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