कूनो नेशलन पार्क में तीसरे चीते की मौत, इस बार बीमारी नहीं इस वजह से गई जान
Published by : Pritish Sahay Updated At : 09 May 2023 6:00 PM
कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका से लाए गये एक और चीते की मौत हो गई है. इस मादा चीता का नाम दक्षा था. दक्षा की मौत को मिलाकर कूनों में अब तक तीन चीतों की मौत हो चुकी है. हालांकि मादा चीता दक्षा की मौत किसी बीमारी से नहीं हुई बल्कि बाड़े में इस कारण गई उसकी जान...
दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता दक्षा की कूनो नेशनल पार्क में मौत हो गई है. यह अब तक तीसरे चीते की मौत है. मध्य प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक जेएस चौहान ने यह जानकारी दी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक,तीसरे चीते की मौत किसी बीमारी से नहीं हुई बल्कि चीतों के बाड़े में हुई आपसी लड़ाई में मादा चीता दक्षा की जान गई है. गौरतलब है कि इससे पहले दक्षिण अफ्रीका से लाए दो चीतों की मौत बीमारी से हो गई थी.
घायल थी दक्षा: चीता दक्षा की मौत मामले में एक वन अधिकारी ने बता कि केएनपी की एक निगरानी टीम ने सुबह दक्ष को घायल अवस्था में पाया. उसे तुरंत आवश्यक दवा और उपचार दिया गया, लेकिन दोपहर 12 बजे के आसपास उसकी मौत हो गई.
अधिकारी ने कहा कि दक्ष को एक नंबर बाड़े में छोड़ने के बाद दो नर चीतों वायु और अग्नि को इस बाड़े में उससे संबंध बनाने के लिए छोड़ा गया था, लेकिन ऐसा लग रहा है कि नर चीते इस प्रक्रिया के दौरान हिंसक हो गए जो एक सामान्य बात है.
Also Read: Madhya Pradesh: खरगोन में बस दुर्घटना में 23 लोगों की मौत, सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
दो चीतों की पहले ही हो चुकी है मौत: गौरतलब है कि इससे पहले ही बीमारी के कारण दो चीतों साशा और उदय की मौत हो चुकी है. साशा और उदय नामक चीतों को सितंबर 2022 में अलग-अलग जत्थों में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से केएनपी लाया गया था, लेकिन इनकी 27 मार्च और 23 अप्रैल को मौत हो गयी. यानी 40 दिनों में तीसरे चीते की मौत हो गई है.
भाषा इनपुट से साभार
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










