'Nagastra–1' देश के दुश्मनों को देगा करारा जवाब, घर में घुसकर मारेगा, जानें इसकी खासियत
Nagastra–1 Features: इंडियन आर्मी को नागस्त्र-1 सौंप दिया गया है. इसके बाद भारतीय सेना की ताकत में और इजाफा होगा. जानें इसकी खासियत
Nagastra–1 Features: भारत के पड़ोस में कई अच्छे मित्र हैं तो वहीं दो ऐसे देश भी हैं जो हमेशा परेशानी खड़ी करते नजर आते हैं. इन दुश्मन देशों से निपटने के लिए भारत पुख्ता तैयारी में है. इस क्रम में इंडियन आर्मी को बेहद घातक हथियार मिला है. दरअसल, नागपुर की सोलर इंडस्ट्रीज ने पहला स्वदेशी लॉइटरिंग म्यूनिशन नागस्त्र-1 सेना को सौंपने का काम किया है. नागस्त्र-1 की बात करें तो यह देश के दुश्मनों के घर में घुसकर टारगेट को खत्म करने में सक्षम है. यह एक आत्मघाती ड्रोन है, जो दुश्मन के इलाके में घुसकर तबाही मचा देगा.

ड्रोन की क्या है खासियत जानें
- नागस्त्र-1 आसानी से जमीन से लॉन्च किया जा सकता है.
- 1.5 किलोग्राम विस्फोटक वारहेड ले जाने में इसे कोई दिक्कत नहीं आएगी.
- यह निगरानी और टारगेट पर हमला करने में सक्षम है.
- आतंकी लॉन्च पैड, घुसपैठियों और दुश्मनों के ट्रेनिंग कैंप को इसके माध्यम से टारगेट किया जा सकता है.
- नागास्त्र-1 आत्मघाती ड्रोन की श्रेणी में आता है.
- जीपीएस से लैस यह ड्रोन दो मीटर की सटीकता से टारगेट पर हमला करने में सक्षम है.
- नौ किलोग्राम वजन इस ड्रोन का है.
- इसका मैन-इन-लूप रेंज 15 किलोमीटर जबकि ऑटोनॉमस मोड रेंज 30 किलोमीटर है.
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किसने तैयार किया है ये घातक ड्रोन
उल्लेखनीय है कि इंडियन आर्मी की ओर से आपातकालीन खरीद शक्तियों के तहत 480 लॉइटरिंग म्यूनिशन की आपूर्ति का ऑर्डर सोलर इंडस्ट्रीज इकोनॉमिक्स एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड (ईईएल) को दिया गया है. नागपुर की इस स्वदेशी कंपनी ने इस घातक ड्रोन को तैयार किया है.

एक रक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि नागस्त्र-1 भारतीय सेना को सौंपने का काम किया गया है। भारतीय सेना ने आपातकालीन खरीद शक्तियों के तहत 480 लोइटर म्यूनिशन की आपूर्ति के लिए सोलर इंडस्ट्रीज इकोनॉमिक्स एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड (ईईएल) को ऑर्डर दिया है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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