दिवाली पर बोनस नहीं देने पर कर दी हत्या, ढाबा मालिक को मौत के घाट उतारकर फरार हुए कर्मचारी

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 12 Nov 2023 1:24 PM

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ढेंगरे ने लगभग एक महीने पहले शहर में मध्य प्रदेश राज्य बस स्टॉप के पास एक श्रमिक ठेकेदार के माध्यम से दोनों को काम पर रखा था. पुलिस ने बताया कि एक साथ खाना खाने के दौरान ढेंगरे का आदि और छोटू से विवाद हो गया था.

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पूरे देश में दिवाली का त्योहार मनाया जा रहा है. इस बीच आपको कई तरह की खबरें सुनने को मिल रही होगी. लेकिन महाराष्ट्र के नागपुर से जो खबर आ रही है वो दिल दहलाने वाली है. दरअसल, यहां शनिवार को दिवाली का बोनस देने से इनकार करने पर एक ढाबा मालिक को उसके दो कर्मचारियों ने कथित रूप से पीटा और उसकी जान ले ली. इस खबर को अंग्रेजी वेबसाइट टाइम्स ऑफ इंडिया ने प्रकाशित की है. खबर में बताया गया है कि पीड़ित राजू ढेंगरे ने कर्मचारियों की दिवाली बोनस की मांग को पूरा करने से इनकार कर दिया था, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई. हत्या करने के बाद दोनों फरार हो गये. ढेंगरे कुही तालुका के सुरगांव गांव के पूर्व सरपंच (ग्राम प्रधान) थे और उन्होंने हाल ही में ग्राम पंचायत चुनाव जीता था. मामले को लेकर एसपी हर्ष ए पोद्दार ने कहा कि प्रथम दृष्टया में हत्या की वजह पैसों का लेन-देन ही लग रहा है लेकिन हम दूसरे एंगल से भी मामले की जांच करेंगे. उन्होंने कहा कि मामले की राजनीतिक एंगल से भी जांच की जाएगी.

बीजेपी के समर्थक थे ढेंगरे

हमलावरों की पहचान छोटू और आदि के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के मंडला के रहने वाले बताए जा रहे हैं. पुलिस ने जो जानकारी दी है उसके अनुसार, ढेंगरे ने लगभग एक महीने पहले शहर में मध्य प्रदेश राज्य बस स्टॉप के पास एक श्रमिक ठेकेदार के माध्यम से दोनों को काम पर रखा था. सूत्रों के हवाले से खबर दी गई है कि ढेंगरे की इलाके में अच्छी पकड़ थी. वह किसी बड़े विवाद में नहीं फंसते थे. उनके परिवार की गांव में अच्छी छवि थी. राजनीतिक रूप से जुड़े ढेंगरे बीजेपी के समर्थक थे. हालांकि वह जीत गए थे, लेकिन उनके राजनीतिक दबदबे को झटका लगा था क्योंकि उनके प्रतिद्वंद्वी खेमे ने हाल के ग्राम पंचायत चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया था.

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सीसीटीवी फुटेज आया सामने

बताया जा रहा है कि हत्या के बाद छोटू और आदि ढेंगरे की कार लेकर भाग गए थे, लेकिन विहिरगांव के पास नागपुर-उमरेड रोड पर डिवाइडर से टकरा गए जिससे दोनों को चोट लगी. यह दुर्घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई जिसमें दोनों हमलावर कार से बाहर आते हैं और दिघोरी नाका की ओर भागते हुए नजर आ रहे हैं. उन्होंने दिघोरी से एक ई-रिक्शा लिया लेकिन उसके बाद उनकी गतिविधियों का पता नहीं चल सका. पुलिस ने बताया कि एक साथ खाना खाने के दौरान ढेंगरे का आदि और छोटू से विवाद हो गया था. दोनों दिवाली के लिए पैसे और बोनस की मांग कर रहे थे. ढेंग्रे ने उन्हें पैसे देने की बात कही लेकिन कुछ दिनों के बाद…

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पहले रस्सी से घोंटा गला

बाद में ढेंगरे एक खाट पर जाकर सो गये. आदि और छोटू ने इसी वक्त रस्सी निकाली और उनका गला घोंटा. इसके बाद सिर पर किसी कठोर वस्तु से वार किया और चेहरे पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. दोनों ने ढेंगरे को खाट पर निढाल छोड़ दिया और शरीर को रजाई से ढक दिया. इसके बाद वे ढेंगरे की कार लेकर फरार हो गये. एक अन्य कर्मचारी जो सबकुछ देख रहा था, वह अपनी जान के डर से रसोई में भाग गया. बताया जा रहा है कि ढेंगरे की बेटी ने बार-बार फोन किया लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो उसने ढाबे के पास एक पान की दुकान वाले को फोन किया. पान की दुकान का मालिक ढाबे पर गया जहां उसने खाट पर राजू ढेंग्रे का शव देखा और शोर मचाया.

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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