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मुंबई के पुलिस कमिश्नर रहे परमबीर सिंह का करीबी विनय सिंह जबरन वसूली मामले में गिरफ्तार

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को गिरफ्तारी से अदालत का संरक्षण प्राप्त है, जबकि भाटी फरार है. परमबीर सिंह को महाराष्ट्र सरकार ने उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की वजह से निलंबित कर दिया है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
परमबीर सिंह जबरन वसूली मामले में एक और गिरफ्तार
परमबीर सिंह जबरन वसूली मामले में एक और गिरफ्तार
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मुंबई: मुंबई के पुलिस कमिश्नर रहे परमबीर सिंह के एक करीबी को जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार किया गया है. उसे मुंबई से गिरफ्तार किया गया है. इसका नाम विनय सिंह है. जबरन वसूली के आरोपी इस शख्स को बृहस्पतिवार को पुलिस ने धर दबोचा. एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी है.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि उपनगरीय गोरेगांव पुलिस थाने में दर्ज जबरन वसूली मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने आरोपी विनय सिंह को एक कैफे से गिरफ्तार किया. इस मामले में यह चौथी गिरफ्तारी है, जिसमें परमबीर सिंह, बर्खास्त सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे और रियाज भाटी आरोपियों में शामिल हैं.

पुलिस अधिकारी ने कहा कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को गिरफ्तारी से अदालत का संरक्षण प्राप्त है, जबकि भाटी फरार है. परमबीर सिंह को महाराष्ट्र सरकार ने उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की वजह से निलंबित कर दिया है.

व्यवसायी की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा

व्यवसायी बिमल अग्रवाल की एक शिकायत पर मुंबई के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. अपनी शिकायत में उन्होंने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी परमबीर सिंह के इशारे पर वाजे पर जबरन वसूली करने का आरोप लगाया था.

शिकायत के अनुसार, एक अन्य आपराधिक मामले में जेल में बंद सचिन वाजे ने गोरेगांव में व्यवसायी द्वारा संचालित दो रेस्तरां-सह-बार पर छापे नहीं मारने के लिए व्यवसायी से 9 लाख रुपये और दो महंगे मोबाइल फोन लिये थे.

अधिकारी ने बताया कि विनय सिंह ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने उसे सरेंडर करने को कहा था. डीसीपी (डिटेक्शन -1) नीलोत्पल ने कहा कि अपराध शाखा के अधिकारियों को उपनगरीय कांदिवली में एक कैफे में विनय सिंह के आने के बारे में गुप्त सूचना मिली थी.

डीसीपी (डिटेक्शन-1) ने कहा कि उसे पकड़ने के लिए एक टीम भेजी गयी थी. उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के निर्देश के अनुसार आरोपी ने आत्मसमर्पण नहीं किया. इसलिए अपराध शाखा ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

Posted By: Mithilesh Jha

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