'MSP कानून जल्दबाजी में नहीं लाया जा सकता', किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच बोले कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 15 Feb 2024 11:48 AM
अर्जुन मुंडा उस मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, जिसने किसानों की चिंताओं को हल करने के लिए चंडीगढ़ में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक), किसान मजदूर मोर्चा सहित विभिन्न किसान समूहों के साथ दो दौर की चर्चा की. हालांकि, बातचीत बेनतीजा रहा.
किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को कहा कि फसलों के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी वाला कानून सभी हितधारकों से परामर्श किए बिना जल्दबाजी में नहीं लाया जा सकता है. उन्होंने प्रदर्शनकारी किसान समूहों से इस मुद्दे पर सरकार के साथ चर्चा करने का आग्रह किया है.
किसानों के विरोध प्रदर्शन को किया जा रहा बदनाम
अर्जुन मुंडा ने प्रदर्शनकारी किसानों को कुछ तत्वों के बारे में जागरूक और सतर्क रहने के लिए आगाह किया, जो राजनीतिक लाभ के लिए उनके विरोध प्रदर्शन को बदनाम कर सकते हैं.
अर्जुन मुंडा सहित तीन केंद्रीय मंत्री किसानों से कर रहे वार्ता
अर्जुन मुंडा उस मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, जिसने किसानों की चिंताओं को हल करने के लिए चंडीगढ़ में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक), किसान मजदूर मोर्चा सहित विभिन्न किसान समूहों के साथ दो दौर की चर्चा की. हालांकि, बातचीत बेनतीजा रहा. कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा के अलावा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और नित्यानंद राय किसानों के साथ वार्ता में शामिल हैं.
किसानों की कई मांगों पर सरकार सहमत
कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा, दो दौर की चर्चा में हम उनकी कई मांगों पर सहमत हुए. लेकिन कुछ मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई. बातचीत अभी भी जारी है.
किसानों का दिल्ली बॉर्डर पर हिंसक आंदोलन
दिल्ली मार्च के दौरान हजारों की संख्या में किसानों ने दिल्ली के विभिन्न बॉर्डर पर जमकर प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई. प्रदर्शन को रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों को बल प्रयोग भी करना पड़ा. आंसू गैस के गोले भी दागे गए. इस दौरान आक्रोशित किसानों ने हरियाणा के कुरूक्षेत्र में सीमेंट बैरिकेड हटाए. अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने हरियाणा-पंजाब शंभू सीमा पर फ्लाईओवर के सेफ्टी बैरियर भी तोड़ा. हरियाणा-पंजाब शंभू सीमा पर प्रदर्शनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें कीं.
दिल्ली बॉर्डर सहित पीएम आवास, कृषि मंत्री के आवास की बढ़ाई गई सुरक्षा
हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से हजारों की संख्या में प्रदर्शन कर रहे किसानों को रोकने के लिए दिल्ली में सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए हैं. संसद के सभी द्वारों पर अवरोधक और अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को भी तैनात किया गया है. संसद के पास लगाए गए अवरोधकों पर कंटीले तार लगाए गए हैं. लोक कल्याण मार्ग पर भी भारी सुरक्षा बंदोस्बत किए गए हैं जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आवास है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा के आवासों के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. लाल किले की ओर जाने वाले बाहरी रिंग रोड पर भी बैरिकेड लगा दिये गये हैं क्योंकि पुलिस कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती. अपने पिछले विरोध प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी किसानों का एक समूह 26 जनवरी, 2021 को गणतंत्र दिवस पर हंगामा करते हुए दिल्ली के मध्य भाग में घुस गया था.
किसानों की क्या है मांग
किसान नेता फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी पर अड़े हुए हैं, जो उनकी प्रमुख मांगों में से एक है. एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी के अलावा किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन, कृषि ऋण माफी, पुलिस मामलों को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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