मध्य प्रदेश चुनाव: कांग्रेस हर कीमत पर भाजपा को चाहती है हराना, जानें सर्वे के क्या हैं मायने

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 04 Jul 2023 2:19 PM

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MP Election 2023 : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह उन सीटों पर दौरा कर रहे हैं, जिसपर लंबे समय से भाजपा का कब्जा है. जानें प्रदेश में जीत दर्ज करने के लिए कांग्रेस क्यों करा रही है सर्वे

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MP Election 2023 : मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए छह महीने से भी कम का समय बचा है, ऐसे में विपक्षी दल कांग्रेस चुनावी रण में उतरने का खाका तैयार कर रही है. इस क्रम में सोमवार को राजधानी भोपाल में एक रणनीति बैठक हुई, जिसमें कांग्रेस ने सत्तारूढ़ दल भाजपा को घेरने और भ्रष्टाचार को एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की योजना बनायी है. इस बीच प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के सर्वे को लेकर राजनीति तेज हो चली है. भाजपा इस सर्वे को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है.

दरअसल, मीडिया में जो खबर चल रही है उसके अनुसार, मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधानसभा चुनाव में टिकट के बटवारे के लिए सर्वे करा रही है. इसमें से एक खास सर्वे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का है जिसमें उन इलाकों को शामिल किया गया है जहां पार्टी को या तो हार का सामना करना पड़ा है या फिर उन सीटों पर कांग्रेस कमजोर हैं. खबरों की मानें तो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी एक सर्वे करा रहे हैं. लेकिन, अब जो बात सामने आ रही है उसपर राजनीति तेज हो चली है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के द्वारा भी सर्वे करवाया जा रहा है. इस सर्वे की वजह से कमलनाथ पर भरोसे को लेकर चर्चा होने लगी है.

नेता प्रतिपक्ष ने मामले को लेकर क्या कहा

इन सबके बीच नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि कमलनाथ के कैंडिडेट सर्वे के साथ कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व भी सर्वे कराने का काम कर रहा है. राष्ट्रीय नेतृत्व के सर्वे के आधार पर टिकट पर फैसला लिया जाएगा. यहां चर्चा कर दें कि कुछ दिन पहले दिग्विजय सिंह का बयान सामने आया था. उन्होंने कमलनाथ को सर्वेसर्वा बताया था. दिग्विजय सिंह के बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष का बयान सामने आया है जिसके कई मायने निकाले जा रहे हैं.

किन मुद्दों के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी कांग्रेस

सोमवार को कांग्रेस की एक अहम बैठक हुई. कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल, मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख कमल नाथ और मध्य प्रदेश के एआईसीसी (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) प्रभारी जय प्रकाश अग्रवाल ने मध्य प्रदेश की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक की अध्यक्षता की. यह बैठक दो घंटे तक चली. बैठक के संबंध में कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान पार्टी नेताओं ने मुख्य रूप से प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार से मुकाबला करने पर बात की. कांग्रेस प्रदेश में भ्रष्टाचार को एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगी.

भ्रष्टाचार, महंगाई कांग्रेस का मुख्य मुद्दा

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले भ्रष्टाचार, महंगाई और राज्य पर बढ़ते कर्ज समेत अन्य मुद्दे जोर-शोर से उठाएगी. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि भ्रष्टाचार हमारी पार्टी का प्रमुख चुनावी मुद्दा होगा. इस बीच आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ऐसी 66 विधानसभा सीटों पर पैनी नजर रखे हुए हैं जहां लंबे समय से भाजपा ने अपना गढ़ बना रखा है. पिछले कुछ महीनों में उन्होंने 35 जिले की 67 विधानसभा सीटों का दौरा किया और यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया.

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दो तरह की रणनीति पर काम कर रही है कांग्रेस

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह उन सीटों पर दौरा कर रहे हैं, जिसपर लंबे समय से भाजपा का कब्जा है. इस बार कांग्रेस ने जो रणनीति तैयार की है उसके अनुसार, एक तो जहां पर कांग्रेस लगातार जीत दर्ज करती आ रही है, वहां पर वह पूरी ताकत के साथ लड़ेगी. जबकि दूसरी तरफ जिन सीटों पर कांग्रेस कमजोर है, वहां पर किस रणनीति के तहत पार्टी को मजबूत किया जाए, इसपर पार्टी मंथन कर रही है. बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह को इस काम पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने लगाया है. कांग्रेस ने प्रदेश में जीत दर्ज करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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