हंगामेदार हो सकता है मानसून सत्र, कांग्रेस उठाएगी मणिपुर हिंसा समेत कई मुद्दे, गरमा सकता है सदन

Published by : Pritish Sahay Updated At : 15 Jul 2023 10:09 PM

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Monsoon Session, Congress: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि लोकसभा और राज्यसभा में चार-पांच मुद्दों पर हम चर्चा की मांग करेंगे. उन्होंने कहा कि इन मुद्दों में मणिपुर, रेल सुरक्षा, संघीय ढांचे पर आक्रमण, जीएसटी को धनशोधन के तहत लाना, महंगाई समेत कई और मुद्दों पर चर्चा शामिल है.

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Monsoon Session, Congress: संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है. विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में कांग्रेस नेता जयराम रमेश का नया बयान सामने आया है. जयराम रमेश ने कहा है कि हम सदन में कुछ मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं. कांग्रेस नेता ने बताया कि पार्टी का पहला मुद्दा मणिपुर है. जयराम रमेश ने कहा कि हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मणिपुर के हालात पर चर्चा हो. गौरतलब है कि विपक्षी दल कांग्रेस ने मानसून सत्र के लिए सवालों और मुद्दों की तैयारी को लेकर एक बैठक का आयोजन किया है. कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह की यह बैठक पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर 16 जुलाई यानी कल होगी. इस बैठक में विपक्ष सरकार को घेरने के मुद्दों पर चर्चा करेगी.

हंगामेदार हो सकता है संसद का मानसून सत्र
संसद का मानसून सत्र इस बार काफी अहम होगा. विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की योजना बनाई है. नागरिक संहिता विधेयक, मणिपुर हिंसा समेत तमाम मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की योजना बना रही है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी साफ कर दिया है कि इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में विपक्ष मणिपुर हिंसा पर चर्चा करना चाहता है. वहीं समान नागरिक संहिता विधेयक को लेकर भी सदन में हंगामा होने के पूरे आसार हैं. इसके अलावा दिल्ली में सेवा विवाद को लेकर सरकार एक विधेयक पेश कर सकती है. इसपर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष में हंगामा हो सकता है.

कौन-कौन से मुद्दे उठाएगी कांग्रेस
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि लोकसभा और राज्यसभा में चार-पांच मुद्दों पर हम चर्चा की मांग करेंगे. उन्होंने कहा कि इन मुद्दों में मणिपुर, रेल सुरक्षा, संघीय ढांचे पर आक्रमण, जीएसटी को धनशोधन के तहत लाना, महंगाई समेत कई और मुद्दों पर चर्चा की मांग करेंगे. जयराम रमेश ने कहा कि हम मणिपुर मुद्दे पर सत्र की शुरुआत में ही चर्चा की मांग करेंगे.सत्र को लेकर जयराम रमेश ने कहा कि आज हमारी पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी ग्रुप की दूसरी बैठक हुई. इस बैठक में हमने मानसून सत्र को लेकर लम्बी चर्चा की. उन्होंने कहा कि हम मुद्दों पर जरूर च्रा करेंगे. जिन मुद्दों पर कांग्रेस ने अपनी स्ट्रेटेजी बनाई है उनमें हैं.

– मणिपुर पर चर्चा
– रेल सुरक्षा पर चर्चा
– संघीय ढांचे पर आक्रमण पर चर्चा
– GST को PMLA के तहत लाने पर चर्चा
– महंगाई पर चर्चा
– UPA सरकार की योजनाओं को कमजोर करने पर चर्चा
– महिला पहलवानों के उत्पीड़न पर चर्चा
– अडानी मामले पर JPC की मांग
– अलग-अलग राज्यों के मुद्दे पर चर्चा

महंगाई के मुद्दे पर भी सरकार को घेरेगी विपक्ष
मानसून सत्र में विपक्ष महंगाई के मुद्दे पर भी सरकार को घेरने की कोशिश करेगा. गौरतलब है कि देश में टमाटर के भाव आसमान छू रहे हैं. हरी सब्जियों के भाव भी बढ़े हुए हैं. ऐसे में विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगी. अपने ट्विटर हाल पर कांग्रेस ने एक पोस्ट कर जाहिर कर दिया है कि भारत में अमेरिका और रूस से भी ज्यादा महंगाई है. विपक्ष ने कहा है कि भारत में खुदरा महंगाई दर 4.81 है. जबकि, अमेरिका में यह 3.0 फीसदी है. वहीं ब्राजिल में यह 3.14 फीसदी. रूस में महंगाई दर 2.5 फीसदी है.

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केंद्र सरकार ने की सत्र के लिए तैयारी पूरी
बता दें, 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र के लिए केंद्र सरकार की तैयारी पूरी हो चुकी है. इस बार का मानसून सत्र काफी गहमागहमी भरा हो सकता है. इस सत्र के लिए सरकार ने दिल्ली में ट्रांसफर-पोस्टिंग मामले में नया अध्यादेश, वन संरक्षण कानूनों में संशोधन विधेयक और डिजिटल डाटा संरक्षण पर विधेयक पेश कर सकती है. बता दें केन्द्र की मोदी सरकार मानसून सत्र के लिए 21 नए विधेयकों को सूचीबद्ध किया है. इनमें फिल्म पायरेसी रोकने, सेंसर प्रमाणन की आयु आधारित वर्गीकरण और राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन स्थापित करने से संबंधित विधेयक शामिल किया गया है. सबसे बड़ी बात की इस बार संसद का मानसून सत्र संसद के नये भवन में होगा.

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20 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र
गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र इस बार 20 जुलाई से लेकर 11 अगस्त तक चलेगा. केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इसकी घोषणा की है. 20 जुलाई से शुरु होने वाले मानसून सत्र में कुल 17 बैठकें होंगी. केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपने ट्विटर हैंडल पर सत्र को लेकर लिखा है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगा. मानसून सत्र कुल 23 दिन तक चलेगा. जिसमें कुल 17 बैठकें होंगी. अपने ट्विटर पर केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपील की है सत्र को सफलतापूर्वक चलाने में सभी पार्टियां पूरा योगदान देंगी. बता दें,  2024 के लोकसभा चुनाव से पहले यह अंतिम मानसून सत्र होगा.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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