तिहाड़ जेल में स्वामी चैतन्यानंद की जान को खतरा, केसरिया वस्त्र नहीं पहनने दिया जा रहा

Updated:
विज्ञापन
Chaitanyananda-Saraswati

स्वयंभू स्वामी चैतन्यनंद सरस्वती (File Photo)

Swami Chaitanyananda Saraswati : सुनवाई के दौरान स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती ने कहा कि तिहाड़ जेल में उनकी जान को खतरा है. उन्हें केसरिया वस्त्र पहनने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है. जानें क्या है पूरा मामला.

विज्ञापन

Swami Chaitanyananda Saraswati : शुक्रवार को दिल्ली की अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन से रिपोर्ट मांगी, क्योंकि स्वयंभू स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती ने कहा कि उन्हें जेल के अंदर खतरा महसूस हो रहा है. सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनीमेश त्रिपाठी के सामने सरस्वती ने कहा कि तिहाड़ जेल में उनकी जान को खतरा है. उन्होंने यह भी बताया कि अदालत से अनुमति होने के बावजूद उन्हें केसरिया वस्त्र पहनने और निर्धारित भोजन खाने नहीं दिया जा रहा है.

जेल में जान को खतरा : स्वामी चैतन्यनंद

अदालत ने कहा कि आरोपी ने बताया था कि जेल में उसकी जान को खतरा है और तीन बार आवेदन देने के बावजूद उसे केसरिया वस्त्र पहनने की अनुमति नहीं मिली है. इस बात पर गौर करते हुए अदालत ने जेल प्रशासन से 18 नवंबर की अगली सुनवाई तक विस्तृत रिपोर्ट जमा करने को कहा. पिछले हफ्ते उन्होंने पटियाला हाउस कोर्ट से अपनी जमानत याचिका वापस ले ली. उनका कहना था कि वे पहले दिल्ली पुलिस की चार्जशीट आने का इंतजार करेंगे ताकि लगाए गए आरोपों की जांच कर सकें.

गवाहों को प्रभावित कर सकता है आरोपी

यह तब देखने को मिला जब पिछली सुनवाई में अदालत ने जमानत देने का कोई संकेत नहीं दिया. अदालत ने कहा कि पीड़ितों की संख्या बहुत अधिक होने की वजह से मामले की गंभीरता बढ़ गई है, इसलिए उसे जमानत देने पर विचार नहीं किया गया. मामले की सुनवाई करते हुए जज ने कहा था कि सरस्वती एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और गवाहों को प्रभावित करने के लिए किसी और का सहारा ले सकते हैं.

यह भी पढ़ें : Swami Chaitanyananda : चैतन्यानंद ने लगा रखे थे बाथरूम के बाहर कैमरे, छात्राओं को देखता था अपने फोन पर

स्वामी चैतन्यनंद ने कई आवेदन दिए

न्यायिक हिरासत के दौरान स्वामी चैतन्यानंद ने कई आवेदन दिए, जैसे जेल में केसरिया वस्त्र पहनने और बिना प्याज वाला भोजन खाने की अनुमति. अदालत ने दोनों मांगों को मंजूर किया था. अपनी जमानत याचिका में सरस्वती ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ताओं को सीखाकर उसके खिलाफ खड़ा किया गया है. उन्हें फंसाया गया है, क्योंकि वह संस्थान में कड़ा अनुशासन लागू करते थे.

विज्ञापन
अमिताभ कुमार

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola