Measles Outbreak: मुंबई में तेजी से फैल रहा खसरा, 12 मरीजों की मौत, 233 लोग हुए संक्रमित

Published by : Pritish Sahay Updated At : 24 Nov 2022 9:57 PM

विज्ञापन

Measles Outbreak: बीएमसी के कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मंगला गोमारे ने बताया है कि मुंबई में खसरे के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट से पता चला है कि संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है.

विज्ञापन

Measles Outbreak: मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में खसरे का प्रकोप बढ़ रहा है. आज यानी गुरुवार को मुंबई में खसरे के 13 नए मामले सामने आये. नये मामले सामने आने के बाद संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 233 हो गई है. वहीं, खसरे से एक और व्यक्ति की मौत हो गई है, जिसके बाद एक महीने में मृतक की संख्या बढ़कर 12 हो गई है. वहीं, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने बताया कि 22 मरीजों को छुट्टी दी गई है.

बीएमसी के कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मंगला गोमारे ने बताया है कि मुंबई में खसरे के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट से पता चला है कि संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. उन्होंने कहा कि उच्च जोखिम वाला क्षेत्र में एम-ईस्ट समेत मुंबई के कुछ हिस्से भी शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक मिजिल्स के कुल 22 मामले सामने आये हैं वहीं, 9 मौतें हुई है.

बच्चों को ज्यादा खतरा: वहीं, प्रदेश में बढ़ते खसरे को खतरे को देखते हुए बीएमसी जो सर्वेक्षण करा रहा है. इसमें खसरे के 156 संदिग्धों का पता चला है. रिपोर्ट में यह बात भी सामने आयी है कि संक्रमण का ज्यादा असर बच्चों में देखने को मिल रहा है. नगर निकाय ने कहा है कि बीते मंगलवार को अस्पताल में मिजिल्स से एक आठ माह के बच्चे की मौत हो गई थी.

खसरे के 3,534 संदिग्ध मामले: बीएमसी के एक अधिकारी के मुताबिक, इस साल अब तक खसरे के 3,534 संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं. बीएमसी ने यह भी बताया कि 24 वार्ड में से 11 वार्ड के 22 इलाकों में खसरा तेजी से फैल रहा है. सबसे बड़ी चिंता की बात है कि इन खसरा के जो नये 13 मामले सामने आये हैं वो सात अलग-अलग वार्ड के हैं.

बीएमसी के कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मंगला गोमारे ने कहा है कि खसरे से बच्चों की सुरक्षा के लिए टीकाकरण महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि बच्चों में खसरे का ज्यादा असर भी देखने को मिल सकता है. खसरे के कारण उनकी जान भी जा सकती है. वहीं, संक्रमण को तेजी से फैलते देख बीएमसी की ओर से अस्पतालों में 3 सौ से अधिक बिस्तरों की व्यवस्था भी की गई है.

टीके की अतिरिक्त खुराक देने पर विचार: गौरतलब है कि हाल के दिनों में झारखंड, बिहार, गुजरात, हरियाणा, केरल और महाराष्ट्र में मीजल्स के मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है. वहीं, खसरे के मामलों में इजाफा को देखते हुए केंद्र सरकार प्रभावित राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों से नौ महीने से लेकर पांच साल तक के सभी बच्चों को खसरा और रूबेला के टीकों की अतिरिक्त खुराक देने पर विचार करने को कहा है.
भाषा इनपुट के साथ

Also Read: Delhi MCD Election 2022: सुबह 8 बजे से शाम 5.30 बजे तक होगा मतदान, दिल्ली इलेक्शन कमीशन ने जारी किया समय

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola