ब्रिटेन में नीरव मोदी की अपील खारिज, भारत ने किया स्वागत, कहा - भगोड़ों को वापस लाने का प्रयास जारी

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 10 Nov 2022 9:16 PM

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हम नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील खारिज करने के ब्रिटेन के हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा कि हम नीरव मोदी के साथ-साथ अन्य आर्थिक अपराधियों को वापस लाने के अपने प्रयासों को जारी रखेंगे, ताकि उन्हें कठघरे में लाया जा सके.

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नई दिल्ली : विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को ब्रिटेन के हाईकोर्ट की ओर से पीएनबी घोटाला मामले के प्रमुख आरोपी और भारत के भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पण किए जाने के खिलाफ अपील को खारिज करने का स्वागत किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह नीरव मोदी के साथ-साथ दूसरे आर्थिक अपराधियों को भारत वापस लाने के अपने प्रयासों को जारी रखेगा. बता दें कि बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में न केवल हीरा कारोबारी नीरव मोदी बल्कि शराब कारोबारी विजय माल्या ने भी ब्रिटेन में शरण ले रखी है. भारत सरकार की ओर से इन दोनों अपराधियों को वापस लाने का प्रयास जारी है, लेकिन ब्रिटेन के कानून की वजह से कुछ अड़चनें भी पैदा हो जा रही हैं.

भगोड़ों को भारत लाने का प्रयास जारी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हम नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील खारिज करने के ब्रिटेन के हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा कि हम नीरव मोदी के साथ-साथ अन्य आर्थिक अपराधियों को वापस लाने के अपने प्रयासों को जारी रखेंगे, ताकि उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जा सके. अरिंदम बागची ने कहा कि भारत आर्थिक भगोड़ों के प्रत्यर्पण के लिए पुरजोर तरीके से प्रयास कर रहा है, ताकि वे देश में कानूनी प्रक्रिया का सामना कर सकें.

लंदन हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज

बता दें कि लंदन के हाईकोर्ट ने हीरा कारोबारी नीरव मोदी की मानसिक सेहत के आधार पर प्रर्त्यपण के खिलाफ अपील बुधवार को खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि नीरव के आत्महत्या करने का जोखिम ऐसा नहीं है कि अगर उसे धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना करने के लिए भारत प्रत्यर्पित किया जाता है, तो यह अनुचित और दमनकारी होगा.

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सुप्रीम कोर्ट जा सकता है नीरव मोदी

ब्रिटेन की तत्कालीन गृह मंत्री प्रीति पटेल ने पिछले साल अप्रैल में न्यायालय की एक व्यवस्था के आधार पर नीरव के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था और तब से मामले में अपीलों की प्रक्रिया चल रही थी. अपील हार जाने के बाद नीरव मोदी सार्वजनिक महत्व के कानून के बिंदु पर सुप्रीम कोर्ट जा सकता है. वह हाईकोर्ट के फैसले के 14 दिन के भीतर उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आवेदन कर सकता है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में अपील तभी की जा सकती है, जब हाईकोर्ट ने प्रमाणित किया हो कि मामला आम जनता के महत्व से जुड़े कानून के बिंदु वाला है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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