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Mann Ki Baat: 'मन की बात' में देश से लोकल खिलौना बनाने की अपील, पढ़ें- और क्या क्या बोल रहे पीएम मोदी

Published at :30 Aug 2020 11:48 AM (IST)
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Mann Ki Baat: 'मन की बात' में देश से लोकल खिलौना बनाने की अपील, पढ़ें- और क्या क्या बोल रहे पीएम मोदी

Mann Ki Baat, Mann Ki Baat LIVE, Pm narendra modi live updates : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश-विदेश के लोगों से अपने विचार साझा कर रहे हैं. यह इस मासिक रेडियो कार्यक्रम की 68वीं कड़ी है. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 26 जुलाई को 'मन की बात' कार्यक्रम के 67 वें संस्करण के तहत देश को संबोधित किया था. पीएम मोदी कोरोना संकट के बीच अनलॉक 4 को लेकर अपनी बात लोगों से साझा कर रहे हैं. क्योंकि केंद्र सरकार ने अनलॉक-4 की गाइडलाइंस में 7 सितंबर से मेट्रो सेवा बहाल करने की मंजूरी दी है. 21 सितंबर से धार्मिक आयोजन में 100 लोगों के शामिल होने की भी इजाजत दी गई है. मन की बात कार्यक्रम से जुड़े हर अपडेट के लिए बनें रहे हमारे साथ..

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भारतीयों के इनोवेशन और सॉल्यूशन देने की क्षमता

पीएम मोदी ने अंत में कहा कि शिक्षक और छात्र मिलकर नया कर रहे हैं. नई शिक्षा नीति के जरिये इसमें अहम भूमिका निभाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि भारतीयों के इनोवेशन और सॉल्यूशन देने की क्षमता का लोहा हर कोई मानता है और जब समर्पण भाव हो, संवेदना हो तो ये शक्ति असीम बन जाती है. हमारे यहां के बच्चे, हमारे विद्यार्थी, अपनी पूरी क्षमता दिखा पाएं, अपना सामर्थ्य दिखा पाएं, इसमें बहुत बड़ी भूमिका पोषण की भी होती है. उन्होंने कहा कि यह बहुत आवश्यक है कि हमारी आज की पीढ़ी, हमारे विद्यार्थी, आज़ादी की जंग हमारे देश के नायकों से परिचित रहे, उसे उतना ही महसूस करे. अपने जिले से, अपने क्षेत्र में, आज़ादी के आन्दोलन के समय क्या हुआ, कैसे हुआ, कौन शहीद हुआ, कौन कितने समय तक देश के लिए ज़ेल में रहा.

किसी शिक्षक की याद

पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिनों बाद, पांच सितम्बर को हम शिक्षक दिवस मनायेगें. हम सब जब अपने जीवन की सफलताओं को अपनी जीवन यात्रा को देखते है तो हमें अपने किसी न किसी शिक्षक की याद अवश्य आती है.

श्वान देते देश के लिये अपना बलिदान

पीएम मोदी ने कहा कि ये खबर है हमारे सुरक्षाबलों के दो जांबाज किरदारों की. एक है सोफी और दूसरी विदा. सोफी और विदा भारतीय सेना के श्वान हैं. उन्हें सीडीएस के ‘कमेंडेशन कार्ड्स’ से सम्मानित किया गया है . उन्होंने कहा कि हमारी सेनाओं में, हमारे सुरक्षाबलों के पास, ऐसे, कितने ही बहादुर श्वान है जो देश के लिये जीते हैं और देश के लिये अपना बलिदान भी देते हैं. कितने ही बम धमाकों को, कितनी ही आंतकी साजिशों को रोकने में ऐसे श्वान ने बहुत अहम् भूमिका निभाई है. कुछ समय पहले मुझे देश की सुरक्षा में श्वान की भूमिका के बारे में बहुत विस्तार से जानने को मिला.

यूनिक प्रकार का पोषण पार्क

पीएम मोदी ने कहा कि अगर आपको गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जाने का अवसर मिला होगा, और कोविड के बाद जब वो खुलेगा और आपको जाने का अवसर मिलेगा, तो, वहां एक यूनिक प्रकार का पोषण पार्क बनाया गया है. यहां आप खेल खेल में पोषण से जुड़ी जरूरी बातें सीख सकते हैं

सितम्बर महीने को पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा

मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि पूरे देश में सितम्बर महीने को पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा.पोषण का मतलब केवल इतना ही नहीं होता कि आप क्या खा रहे हैं, कितना खा रहे हैं, कितनी बार खा रहे हैं. इसका मतलब है आपके शरीर को कितने जरुरी पोषक तत्व मिल रहे हैं.

हर क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाना

मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि आज जब हम देश को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रहे हैं, तो हमें पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना है. हर क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाना है. एक ऐप है कुटुकी. ये छोटे बच्चों के लिए ऐसा इंटरेक्टिव ऐप है जिसमें गानों और कहानियों के जरिए बात-बात में ही बच्चे गणित और विज्ञान में बहुत कुछ सी. इसमें एक्टिविटी भी हैं, खेल भी हैं.

ऐसे खिलौने बनाएं, जो पर्यावरण के भी अनुकूल हों

मन की बात में पीएम मोदी ने आगे कहा कि खिलौनों कe केन्द्र बहुत व्यापक है| गृह उद्योग हो, छोटे और लघु उद्योग हो, एमएसएमई हों, इसके साथ-साथ बड़े उद्योग और निजी उद्यमी भी इसके दायरे में आते हैं. इसे आगे बढ़ाने के लिए देश को मिलकर मेहनत करनी होगी. खिलौना वो हो जिसकी मौजूदगी में बचपन खिले भी, खिलखिलाए भी। हम ऐसे खिलौने बनाएं, जो पर्यावरण के भी अनुकूल हों. मैं देश के युवा टैलेंट से कहता हूं. आप, भारत में भी गेम्स बनाइये. भारत के भी गेम्स बनाइये. कहा भी जाता है- लेट दी गेम्स बिगेन! तो चलो, खेल शुरू करते हैं !

देश में यहां बन रहे खिलौने

खिलौने ने धन का, सम्पत्ति का, जरा बड़प्पन का प्रदर्शन कर लिया लेकिन उस बच्चे की रचनात्मक भावना को बढ़ने और संवरने से रोक दिया. खिलौना तो आ गया, पर खेल ख़त्म हो गया और बच्चे का खिलना भी खो गया. एक तरह से बाकी बच्चों से भेद का भाव उसके मन में बैठ गया . महंगे खिलौने में बनाने के लिये भी कुछ नहीं था, सीखने के लिये भी कुछ नहीं था . यानी कि, एक आकर्षक खिलौने ने एक उत्कृष्ठ बच्चे को कहीं दबा दिया, छिपा दिया, मुरझा दिया. भारत के कुछ क्षेत्र खिलौनों के केन्द्र के रूप में भी विकसित हो रहे हैं. जैसे, कर्नाटक के रामनगरम में चन्नापटना, आन्ध्र प्रदेश के कृष्णा में कोंडापल्ली, तमिलनाडु में तंजौर, असम में धुबरी, उत्तर प्रदेश का वाराणसी – कई ऐसे स्थान हैं.

भारतीय खिलौने पर खुलकर बोले पीएम मोदी

मन की बात में पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारे चिंतन का विषय था- खिलौने और विशेषकर भारतीय खिलौने. हमने इस बात पर मंथन किया कि भारत के बच्चों को नए-नए खिलौने कैसे मिलें, भारत, खिलौने बनाना का बहुत बड़ा हब कैसे बने. उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ सुन रहे बच्चों के माता-पिता से क्षमा मांगता हूं, क्योंकि हो सकता है, उन्हें, अब, ये ‘मन की बात’ सुनने के बाद खिलौनों की नयी-नयी मांग सुनने का शायद एक नया काम सामने आ जाएगा.

देश के किसानों को बधाई

मन की बात में पीएम मोदी ने आगे कहा कि किसानों की शक्ति से ही तो हमारा जीवन, हमारा समाज चलता है. हमारे पर्व किसानों के परिश्रम से ही रंग-बिरंगे बनते हैं. अन्नानां पतये नमः, क्षेत्राणाम पतये नमः. अर्थात, अन्नदाता को नमन है, किसान को नमन है. हमारे देश में इस बार खरीफ की फसल की बुआई पिछले साल के मुकाबले 7 प्रतिशत ज्यादा हुई है. मैं, इसके लिए देश के किसानों को बधाई देता हूँ, उनके परिश्रम को नमन करता हूं.

अभूतपूर्व संयम और सादगी

पीएम मोदी ने कहा कि गणेशोत्सव भी कहीं ऑनलाइन मनाया जा रहा है, तो, ज्यादातर जगहों पर इस बार इकोफ्रेंडली गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की गई है. ओणम की धूम तो, आज, दूर-सुदूर विदेशों तक पहुंची हुई है. अमेरिका हो, यूरोप हो, या खाड़ी देश हों, ओणम का उल्लास आपको हर कहीं मिल जाएगा. ओणम एक अंतररार्ष्ट्रीय पर्व बनता जा रहा है.

बिहार के पश्चिमी चंपारण का जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के पश्चिमी चंपारण में सदियों से थारू आदिवासी समाज के लोग 60 घंटे के लॉकडाउन, उनके शब्दों में ‘60 घंटे के बरना’ का पालन करते हैं. प्रकृति की रक्षा के लिए बरना को थारू समाज के लोगों ने अपनी परंपरा का हिस्सा बना लिया है और ये सदियों से है.

हमारे पर्व और पर्यावरण

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना काल में देश के नागरिकों ने अपने दायित्वों का एहसास किया है. उन्होंने कहा कि आम तौर पर ये समय उत्सव का है। जगह-जगह मेले लगते हैं, धार्मिक पूजा-पाठ होते हैं. कोरोना के इस संकट काल में लोगों में उमंग और उत्साह तो है ही, मन को छू लेने वाला अनुशासन भी है. हम बहुत बारीकी से अगर देखेंगे, तो एक बात अवश्य हमारे सामने आएगी- हमारे पर्व और पर्यावरण. इन दोनों के बीच एक बहुत गहरा नाता है.

यहां देखें लाइव

क्या अनलॉक 4 पर बोलेंगे पीएम मोदी

माना जा रहा है कि ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी कोरोना संकट के बीच अनलॉक 4 को लेकर अपनी बात लोगों से साझा कर सकते हैं. क्योंकि केंद्र सरकार ने अनलॉक-4 की गाइडलाइंस में सात सितंबर से मेट्रो सेवा बहाल करने की मंजूरी दी है. 21 सितंबर से धार्मिक सहित अन्य आयोजनों में 100 लोगों के शामिल होने की भी इजाजत दी गई है.

यहां सुन सकते हैं लाइव

कार्यक्रम ‘मन की बात’ के सांकेतिक भाषा संस्करण का प्रसारण आज सुबह 11 बजे डीडी भारती पर देख सकते हैं. इसके साथ ही ‘मन की बात’ कार्यक्रम के क्षेत्रीय संस्करणों को ऑल इंडिया रेडियो के संबंधित क्षेत्रीय स्टेशनों पर पीएम मोदी के प्रसारण के तुरंत बाद सुना जा सकता है. बता दें कि आज रात 8 बजे फिर से इसे प्रसारित किया जाएगा.

मोबाइल पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनने के लिए आपको 1922 डायल करना होगा. जिसके बाद आपको एक कॉल आएगा, जिसमें अपनी पसंदीदा भाषा चुन और क्षेत्रीय भाषा को चुन सकते हैं. जिसके बाद कार्यक्रम ‘मन की बात’ को चुनी गई भाषा में सुन सकते हैं.

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पिछली बार पीएम मोदी ने क्या कहा था

मन की बात’ का पिछला प्रसारण कारगिल विजय दिवस के दिन हुआ था. उस समय पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान ने भारतीय भूमि पर कब्जा करने की योजना बनाई थी. उन्होंने युवाओं से कारगिल यु्द्ध के दौरान सैनिकों के बलिदान की कहानियों को शेयर करने की अपील की थी

पीएम मोदी ने 18 अगस्त को मांगे थे सुझाव

18 अगस्त को, पीएम मोदी ने मन की बात के 68 वें संस्करण के लिए लोगों को अपने इनपुट्स और विचारों को साझा करने के लिए कहा था. पीएम मोदी ने कई मंचों से देश की जनता को आगाह किया है कि कोरोना वायरस का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है. आज फिर वो कोरोना संकट और अनलॉक 4 पर चर्चा कर सकते हैं.

Posted By: Utpal kant

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