Manipur Violence: हिंसा के बीच स्टालिन ने मणिपुर के खिलाड़ियों को तमिलनाडु में प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 23 Jul 2023 12:36 PM

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तमिलनाडु खेलो इंडिया गेम्स के 2024 संस्करण की मेजबानी करने वाला है. मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि मणिपुर को ‘चैंपियन, खासकर महिला चैंपियन’ पैदा करने के लिए जाना जाता है और तमिलनाडु, राज्य के मौजूदा हालात को गहरी चिंता और पीड़ा के साथ देख रहा है.

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मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले को लेकर राज्य में तनाव की स्थिति बनी हुई है. रह-रह कर हिंसा की खबरें आ रही हैं. महिलाओं के साथ हुई बर्बरता को लेकर पूरे देश में उबाल है. आरोपियों के खिलाफ सख्त-सख्त सजा की मांग की जा रही है. इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने हिंसाग्रस्त राज्य के खिलाड़ियों को मदद के लिए हाथ बढ़ाया है.

स्टालिन ने मणिपुर के खिलाड़ियों को अपने राज्य में ट्रेनिंग के लिए आमंत्रित किया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने हिंसा प्रभावित मणिपुर के खिलाड़ियों को अपने राज्य में प्रशिक्षण के लिए रविवार को आमंत्रित किया. वहीं, एम के स्टालिन के बेटे और राज्य के खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मणिपुर के खिलाड़ियों को तमिलनाडु में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया. स्टालिन ने एक बयान में कहा कि मणिपुर के हालात वहां के खिलाड़ियों के लिए ‘खेलो इंडिया’ और एशियाई खेलों जैसे आयोजनों के लिए प्रशिक्षण लेने के वास्ते अनुकूल नहीं हैं. उन्होंने कहा, मैंने युवा कल्याण और खेल विकास मंत्री उदयनिधि स्टालिन को तमिलनाडु में मणिपुर के खिलाड़ियों के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने का निर्देश दिया है. उदयनिधि ने खेल विभाग की ओर से उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएं मुहैया कराने का आश्वासन दिया है.

तमिलनाडु ‘खेलो इंडिया गेम्स’ के 2024 संस्करण की मेजबानी करेगा

तमिलनाडु खेलो इंडिया गेम्स के 2024 संस्करण की मेजबानी करने वाला है. मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि मणिपुर को ‘चैंपियन, खासकर महिला चैंपियन’ पैदा करने के लिए जाना जाता है और तमिलनाडु, राज्य के मौजूदा हालात को गहरी चिंता और पीड़ा के साथ देख रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिल संस्कृति प्यार और देखभाल की भावना का अनुसरण कर रही है. उन्होंने ‘याथुम ऊरे, यावरुम केलिर’ कहावत का जिक्र किया, जिसका अर्थ है ‘हर जगह मेरी है और सभी लोग मेरे संबंधी हैं. एम के स्टालिन ने कहा कि यह कहावत तमिलनाडु में मणिपुर के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के संबंध में उनके निर्देश का आधार बनी. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में प्रशिक्षण के इच्छुक मणिपुर के खिलाड़ी उनकी सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं या पहचान प्रमाणपत्र और प्रशिक्षण आवश्यकताओं सहित अन्य विवरण के साथ उसे ईमेल भेज सकते हैं.

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4 मई को क्या हुई थी घटना

दरअसल मणिपुर में दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने और छेड़छाड़ का वीडियो बुधवार यानी 18 जुलाई को सामने आया था. जांच के बाद पता चला की घटना 4 मई को ही घटी थी. लगभग एक हजार लोगों की हथियारबंद भीड़ ने कांगपोकपी जिले के एक गांव पर हमला किया और मकानों में लूटपाट की, उनमें आग लगायी, हत्या की तथा दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया. 3 मई से मणिपुर हिंसा की आग में चल रहा है. अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में तीन मई को आयोजित ‘ट्राइबल सॉलिडारिटी मार्च’ (आदिवासी एकजुटता मार्च) के दौरान हिंसा भड़कने के बाद से राज्य में अब तक 160 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं तथा कई अन्य घायल हुए हैं. राज्य में मेइती समुदाय की आबादी करीब 53 प्रतिशत है और वे मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहते हैं. वहीं, नगा और कुकी समुदाय के आदिवासियों की आबादी 40 प्रतिशत है और वे पर्वतीय जिलों में रहते हैं.

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वीडियो मामले में अबतक 6 लोगों की गिरफ्तारी

मणिपुर पुलिस ने चार मई को राज्य के कांगपोकपी जिले में दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने के मामले में शनिवार को एक किशोर समेत दो लोगों को पकड़ा है. इस मामले में अब तक छह लोगों को पकड़ा गया है. इनमें वह व्यक्ति भी शामिल है जिसे सार्वजनिक हुए वीडियो में बी फाइनोम गांव में एक महिला को घसीटते हुए देखा गया था. पुलिस ने कहा कि कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी करके बाकी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

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लेखक के बारे में

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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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