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महाराष्ट्र: अनिल देशमुख को राहत नहीं, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 दिनों के लिए बढ़ा न्यायिक हिरासत

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए और बढ़ाने का फैसला सुनाया गया है. देशमुख पर जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं. उन्हें 2 नवंबर, 2021 को गिरफ्तार किया गया था.

By Prabhat khabar Digital
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एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख मनी लाउंडरिंग केस में आरोपी हैं.
एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख मनी लाउंडरिंग केस में आरोपी हैं.
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Maharashtra Anil Deshmukh judicial custody: महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. मुंबई की विशेष अदालत ने अनिल देशमुख की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए और बढ़ाने का फैसला सुनाया है. इससे पहले उन्हें एक और झटका तब लगा था जब बीते मंगलवार को उनकी मनी लॉन्ड्रिंग केस में डिफॉल्ट जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया था. बता दें कि अनिल देशमुख पर जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं. जिसपर ईडी ने कार्रवाई करते हुए उन्हें 2 नवंबर, 2021 को गिरफ्तार किया था. वह फिलहाल मुंबई के आर्थर रोड जेल में बंद हैं.

एंटीलिया मामले में बड़ा खुलासा

वहीं, न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक गुरुवार को देशमुख ने चांदीवाल आयोग को बताया कि एंटीलिया मामले में तीन अपर मुख्य सचिवों की मौजूदगी में परमबीर सिंह से पूछताछ हो रही थी इस दौरान मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह डरकर कांप रहे थे. उन्होंने खुलासा किया कि अधिकारियों ने जब इस मामले को एटीएस को स्थानांतरित करने का सुझाव दिया तो इस पर परमबीर सिंह ने आपत्ति जताई और इस मामले की जांच मुंबई पुलिस को देने की बात कही. वहीं, सख्ती से पूछताछ पर परमबीर सिंह ने कहा था कि उन्हें नहीं पता कि मुकेश अंबानी के घर के बाहर किस तरह का विस्फोटक लदी कार खड़ी थी.

बता दें कि पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने ही अनिल देशमुख पर आरोप लगाया था कि वे राज्य के गृहमंत्री के पद पर रहते हुए पुलिस अधिकारियों के जरिए मुंबई के बार और रेस्तरां से 100 करोड़ रूपए की वसूली कराई थी. परमबीर सिंह के आरोप पर ईडी ने देशमुख के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था. ईडी का अनिल देशमुख पर आरोप है कि बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने 2020 के दिसंबर और 2021 के मार्च के बीच बार मालिकों से वसूली कर अनिल देशमुख तक पहुंचाई थी. इन पैसों का इस्तेमाल अनिल देशमुख ने अपने कारोबार में किया था.

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