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भानु प्रताप का राकेश टिकैत पर गंभीर आरोप: बिना ठगे नहीं करते कोई काम, किसान आंदोलन में परोसी जा रही शराब

नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन के बीच भारतीय किसान युनियन (भानु) गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने राकेश टिकैत पर बड़ा आरोप लगाया है. किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत को बीकेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने ठग बताया है.

By Prabhat khabar Digital
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भानु प्रताप का राकेश टिकैत पर गंभीर आरोप, कांग्रेस की फंडिंग से चल रहा किसान आंदोलन
भानु प्रताप का राकेश टिकैत पर गंभीर आरोप, कांग्रेस की फंडिंग से चल रहा किसान आंदोलन
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Farmers Protest केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच भारतीय किसान युनियन (भानु) गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने शनिवार को राकेश टिकैत पर बड़ा आरोप लगाया है. किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत को बीकेयू (BKU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने ठग बताया है.

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बीकेयू (भानु) गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे राकेश टिकैत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये बिना ठगे कोई काम नहीं करते है. किसान आंदोलन कांग्रेस की फंडिंग से चल रहा है. वहां काजू, बादाम, पिस्ता, किशमिश और शराब की बोतल मिल रही है. असली किसान आंदोलन में नहीं है, वहां केवल शराब पीने वाले और नोट लेने वाले हैं.

इससे पहले भी भानु प्रताप सिंह राकेश टिकैत पर कई आरोप लगा चुके हैं. भानु प्रताप सिंह ने कहा है कि उन्हें आंदोलन स्थगित कर देना चाहिए. भानु प्रताप सिंह ने शनिवार को कहा कि राकेश टिकैत बिना ठगे कोई काम नहीं करते हैं. बता दें कि तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन चल रहा है. राकेश टिकैत समेत दूसरे किसान संगठन कृषि कानूनों को रद्द करने के अलावा किसी और भी फैसले पर राजी नहीं हैं.

उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी से पहले किसान आंदोलन में भानु प्रताप सिंह और उसका संगठन भी शामिल था. लेकिन, गणतंत्र दिवस की हिंसा के बाद भानु प्रताप सिंह इस आंदोलन से अलग हो गए. बता दें कि 26  नवंबर 2021 को किसान आंदोलन के एक वर्ष पूरा होने वाला है. केंद्र सरकार द्वारा 17 सितंबर 2020 को अध्यादेश पारित कर नए कृषि कानून लाई थी.

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