गर्भवती मादा हाथी की दर्दनाक मौत पर फूटा देश का गुस्सा, बोली मोदी सरकार- दोषी को छोड़ेंगे नहीं

Author Amitabh Kumar|Edited by Prabhat Khabar
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kerala pregnant elephant fed pineapple,modi govt, bollywood cricket world ratan tata angry : केरल से एक ऐसी खबर आयी है, जिसने सबको आहत कर दिया है. दरअसल, यहां एक गर्भवती मादा हाथी की मौत हो गयी है. यदि मौत स्वभाविक कारणों से होती तो इतनी चर्चा नहीं होती लेकिन उसकी मौत को लोगों ने दर्दनाक बना दिया.

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केरल से एक ऐसी खबर आयी है, जिसने सबको आहत कर दिया है. दरअसल, यहां एक गर्भवती मादा हाथी की मौत हो गयी है. यदि मौत स्वभाविक कारणों से होती तो इतनी चर्चा नहीं होती, लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने उसकी मौत को ने दर्दनाक बना दिया. गर्भवती मादा हाथी की मौत के बाद केंद्र सरकार भी हरकत में आ गयी है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि हमारी सरकार ने इस घटना को बहुत ही गंभीरता से लिया है. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. इसी जांच कराई जाएगी और दोषी को पकडा जाएगा.

आगे प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह भारत की संस्कृति में नहीं है कि किसी जानवर को पटाखे खिलाकर उसे मार दिया जाए. मामले को लेकर केरल सरकार ने कहा है कि पलक्कड जिले में पिछले माह एक गर्भवती हथनी की निर्मम हत्या मामले की जांच वन्यजीव अपराध जांच दल करेगा. वहीं केंद्र सरकार ने इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए राज्य से रिपोर्ट मांगी है.

घटना के बाद लोगों में रोष फैल गया और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि पलक्कड जिले के मन्नारकड़ वन मंडल में हथनी की मौत मामले में प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और पुलिस को घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं.

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क्या है मामला

दरअसल गर्भवती मादा हाथी को कुछ शरारती तत्वों नें साइलेंट वैली जंगल में पटाखों से भरा एक अनानास खिला दिया था जो उसके मुंह में फट गया और करीब एक सप्ताह के बाद उसकी मौत हो गई. हथनी की वेल्लियार नदी में 27 मई को मौत हो गई थी. इससे पहले वन्यकर्मियों से उसे नदी से बाहर लाने की बहुत कोशिश की थी मगर उन्हें इसमें कामयाबी नहीं मिली. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि वह गर्भवती थी. उसके जबड़े टूटे हुए थे.

उद्योगपति रतन टाटा ने घटना पर दुख व्यक्त किया

उद्योगपति रतन टाटा ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए गर्भवती हथनी की हत्या को ‘‘सोचीसमझी हत्या” करार दिया और पशु के लिए न्याय की मांग की. उन्होंने ट्वीट किया कि मैं यह जान कर सदमे में हूं और दुखी हूं कि कुछ लोगों ने निर्दोष,गर्भवती हथनी को पटाखों से भरा अनानास खिला दिया जिससे उसकी मौत हो गई. उन्होंने कहा कि निर्दोष पशुओं के खिलाफ ऐसे आपराधिक कृत्य किसी मनुष्य की सोची समझी हत्या के काम से किसी भी तरह अलग नहीं है.

बॉलीवुड में रोष

घटना के बाद बॉलीवुड कलाकार अनुष्का शर्मा, श्रद्धा कपूर, रणदीप हुड्डा आदि ने पशुओं के खिलाफ इस प्रकार की क्रूरता के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की है.

कैसे आया मामला प्रकाश में

उत्तरी केरल के मलप्पुरम में एक फॉरेस्ट अफसर ने इस घटना का जिक्र फेसबुक किया जिसके बाद यह मामला प्रकाश में आया. रेस्क्यू टीम में शामिल मोहन कृष्णन ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि मादा हाथी खाने की तलाश में जंगल से भटकते हुए पास के गांव में पहुंची. वह गांव की गलियों में घूम रही थी. यह देख कुछ लोगों ने उसे अनानास में पटाखों की लड़ी खिला दी. पटाखे उसके मुंह में फट गया जिससे मुंह और जीभ बुरी तरह से जख्मी हो गए. दर्द के कारण वह कुछ खा नहीं पायी और बाद में उसने दम तोड दिया.

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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