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जम्मू-कश्मीर को सही वक्त पर दे दिया जाएगा राज्य का दर्जा, अनुच्छेद-370 हटाने के बाद आतंकी हमलों में आई कमी

Updated at : 28 Jul 2021 6:06 PM (IST)
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जम्मू-कश्मीर को सही वक्त पर दे दिया जाएगा राज्य का दर्जा, अनुच्छेद-370 हटाने के बाद आतंकी हमलों में आई कमी

शिवसेना के सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने उनसे पूछा था कि क्या जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का सरकार का कोई प्रस्ताव है और वहां संचार के विभिन्न माध्यमों पर करीब एक साल से जारी प्रतिबंध हटाने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं.

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नई दिल्ली : केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि जम्मू और कश्मीर को स्थिति सामान्य होने के बाद सही समय पर पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया जाएगा. राज्यसभा में उन्होंने शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने उनसे सवाल पूछा था कि क्या सरकार के पास जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने का कोई प्रस्ताव है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य हो जाने के बाद उसे पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया जाएगा. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि अनुच्छेद-370 हटाकर राज्य विभाजन के बाद दो केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद घाटी में आतंकवादी हमलों में कमी आई है.

शिवसेना के सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने उनसे पूछा था कि क्या जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का सरकार का कोई प्रस्ताव है और वहां संचार के विभिन्न माध्यमों पर करीब एक साल से जारी प्रतिबंध हटाने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं. इस पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि देश और जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा के हित में पहले के जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में विभाजित करने के बाद वहां संवैधानिक बदलावों को देखते हुए मोबाइल सेवाओं और इंटरनेट जैसे संचार के विभिन्न चैनलों पर पाबंदिया लगाई गई थीं. ये पाबंदियां अस्थायी थीं.

उन्होंने कहा कि समय-समय पर हालात की समीक्षा की गई और अब धीरे-धीरे पाबंदियां हटा दी गई हैं. उन्होंने बताया कि 4जी इंटरनेट सेवाएं पांच फरवरी से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में बहाल की जा चुकी हैं. बता दें कि केंद्र सरकार ने 2019 में जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया था और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू कश्मीर और लद्दाख) में विभाजित कर दिया था.

उन्होंने आगे कहा कि 2019 की तुलना में 2020 के दौरान आतंकवादी घटनाओं की संख्या में 59 फीसदी और जून 2021 तक की इसी अवधि की तुलना में जून 2021 तक 32 फीसदी की कमी आई है. उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान, सार्वजनिक परिवहन, सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थान आदि सामान्य रूप से काम कर रहे हैं.

Posted by : Vishwat Sen

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