Jammu And Kashmir: तिहाड़ जेल से बाहर आते ही गरजे बारामुल्ला सांसद राशिद इंजीनियर, कहा- मोदी का नया कश्मीर नाकाम
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 11 Sep 2024 6:14 PM
Rashid Engineer
Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर के बारामुल्ला से लोकसभा सांसद इंजीनियर राशिद टेरर फंडिंग मामले में अंतरिम जमानत मिलने के एक दिन बाद बुधवार को तिहाड़ जेल से बाहर आए.
Jammu and Kashmir: तिहाड़ जेल से बाहर आते ही राशिद इंजीनियर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने पीएम मोदी के नये कश्मीर को नाकाम बताया. जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने कहा, साढे पांच साल जेल में रहने के बाद, मैं खुद को मजबूत महसूस कर रहा हूं और मुझे अपने लोगों पर गर्व है. मैं शपथ लेता हूं कि मैं अपने लोगों को निराश नहीं करूंगा, मैं शपथ लेता हूं कि मैं मोदी के ‘नया कश्मीर’ के आख्यान से लड़ूंगा, जो जम्मू-कश्मीर में बुरी तरह विफल रहा है. 5 अगस्त, 2019 को उन्होंने जो कुछ भी किया, लोगों ने उसे नकार दिया है. रशीद ने जेल से बाहर आने के बाद कहा कि वह अपने लोगों के लिए लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि वह कश्मीर के लोगों को एकजुट करने आ रहे हैं, न कि उन्हें बांटने के लिए. राशिद को 2 अक्टूबर, 2024 तक अंतरिम जमानत दी गई है.
2019 से तिहाड़ जेल में बंद थे राशिद इंजीनियर
2017 के आतंकवाद का वित्तपोषण मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से रशीद 2019 से जेल में थे। वह तिहाड़ जेल में बंद थे. शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट से जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हराया था.
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में प्रचार करेंगे राशिद इंजीनियर
अंतरिम जमानत मिलने के बाद तिहाड़ जेल से बाहर आये सांसद राशिद इंजीनियर जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में प्रचार भी करेंगे. उनकी पार्टी अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) विधानसभा चुनाव लड़ रही है. जम्मू-कश्मीर की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए 18 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच तीन चरणों में चुनाव होंगे. नतीजे आठ अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे.
दो लाख रुपये के निजी मुचलके पर जेल से बाहर आये राशिद इंजीनियर
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने मंगलवार को उन्हें दो लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही रकम की जमानत पर राहत दी. उन्होंने सांसद पर कुछ शर्तें भी लगाईं, जिनमें मामले के बारे में मीडिया से बात नहीं करना शामिल है.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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