Indian Navy: ऑपरेशन संकल्प के 100 दिन पूरे, नेवी ने सौ से ज्यादा लोगों की बचाई जान

Published by : Pritish Sahay Updated At : 23 Mar 2024 5:26 PM

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Indian Navy | ANI, X

Indian Navy: भारतीय नौसेना ने कहा कि ऑपरेशन संकल्प और अन्य अभियानों के तहत भारतीय नौसेना ने समुद्र में हूती लुटेरों के खिलाफ ऑपरेशन में 110 लोगों की जान बचाई है. नौसेना ने कहा कि जिन लोगों की जान बचाई गई है उनमें 45 भारतीय नागरिक हैं और 65 दूसरे देश के निवासी है.

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Indian Navy: समुद्र में हूती लुटेरों के खिलाफ भारतीय नौसेना का ऑपरेशन जारी है. भारतीय नौसेना बीते तीन महीनों से समुद्री लुटेरों के खिलाफ ऑपरेशन संकल्प चला रही है. भारतीय नौसेना के अध्यक्ष एडमिरल आर हरि कुमार ने शनिवार को नौसेना की ओर से बीते 100 दिनों में समुद्री लुटेरों के खिलाफ की गई कार्रवाई का जिक्र किया. नौसेना ऑपरेशन संकल्प के 100 दिन पूरे होने पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया. मीडिया से बात करते हुए एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नौसेना सकारात्मक कार्रवाई करेगी. नौसेना ने कहा कि विभिन्न समुद्री डकैती विरोधी अभियानों में भारतीय नौसेना ने 100 से अधिक लोगों को बचाया है, जिनमें 27 पाकिस्तान के और 30 ईरानी नागरिक भी शामिल हैं. इसी कड़ी में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने बताया कि  हूती विद्रोहियों ने समुद्र में किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज को निशाना नहीं बनाया है.

नौसेना ने 110 लोगों की बचाई जान- इंडियन नेवी

मीडिया से बात करते हुए भारतीय नौसेना ने कहा कि ऑपरेशन संकल्प और अन्य अभियानों के तहत भारतीय नौसेना ने समुद्र में हूती लुटेरों के खिलाफ ऑपरेशन में 110 लोगों की जान बचाई है. नौसेना ने कहा कि जिन लोगों की जान बचाई गई है उनमें 45 भारतीय नागरिक हैं और 65 दूसरे देश के निवासी है.नौसेना ने कहा कि नौसेना ने विद्रोहियों के 13 हमलों का भी जवाब दिया है. इसी कड़ी में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा है कि भारतीय नौसेना समुद्री क्षेत्र में राष्ट्रीय हितों की रक्षा तथा इसे और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.

हम नहीं तो कौन कार्रवाई करेगा- नौसेना

नौसेना स्टाफ के प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना अपने काम के बारे में बहुत स्पष्ट है. उन्होंने कहा कि यह हिंद महासागर है, जिसका नाम हमारे नाम पर रखा गया है, और अगर हम कार्रवाई नहीं करेंगे, तो कौन करेगा… नौसेना ने बताया कि दिन में आईएनएस कोलकाता सोमालिया के तट पर हाल ही में एक अभियान के दौरान पकड़े गए 35 समुद्री लुटेरों को लेकर मुंबई पहुंचा. इन समुद्री लुटेरों को भारतीय कानूनों, विशेष रूप से समुद्री डकैती रोधी अधिनियम, 2022 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया. नौसेना प्रमुख ने रेखांकित किया कि भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर नौसेना ने मध्य-समुद्र में नाटकीय रूप से अभियान को अंजाम दिया. उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान नौसेना ने अपने युद्धपोत आईएनएस कोलकाता, लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम समुद्री निगरानी विमान ड्रोन, पी -8 आई की तैनाती की और वायु सेना के विमान सी-17 के जरिये मार्कोस कमांडो को उतारकर तीन महीने से अपहृत विशाल जहाज को मुक्त कराया. उन्होंने बताया कि नौसेना ने भारतीय तट से लगभग 2,600 किलोमीटर दूर लगभग 40 घंटे के अभियान में माल्टा के पूर्व ध्वज वाले जहाज को अपने कब्जे में लिया और बंधक बनाए गए उसके चालक दल के 17 सदस्यों को मुक्त कराने के साथ 35 सशस्त्र समुद्री डाकुओं को पकड़ लिया. विशेषज्ञों के मुताबिक यह सोमालियाई समुद्री लुटेरो से गत सात साल में किसी मालवाहक जहाज को मुक्त कराने का पहला सफल अभियान है.

न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नौसेना अरब सागर में अपनी क्षमताओं को बढ़ाते हुए क्षेत्र में निगरानी विमानों के साथ 10 युद्धपोत तैनात किए हैं. नौसेना ने कहा कि भारतीय नौसेना ने अरब सागर और आसपास के इलाकों में समुद्री डकैतों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए पी-8आई निगरानी विमान, सी गार्डियन ड्रोन और बड़ी संख्या में नौसेना कर्मियों के साथ 10 युद्धपोत तैनात किए हैं. नौसेना ने कहा कि बीते 100 दिनों में इंडियान नेवी के जहाजों, लड़ाकू विमानों और स्पेशल फोर्स ने समुद्री लुटेरों के खिलाफ कई बार एक्शन लिया है. भाषा इनपुट के साथ

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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