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कोविड मुआवजे के मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने की गुजरात सरकार की खिंचाई, पूछे तीखे सवाल

Covid19 Death Compensations कोरोना काल में अपने प्रियजनों को खो चुके गुजरात के कई परिवारों को अब भी मुआवजे की राशि का इंतजार है. मुआवजे के दावों से जुड़े मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए देश की शीर्ष अदालत ने गुजरात सरकार की खिंचाई की.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
कोविड मुआवजा: SC ने केंद्र सरकार से मांगा डाटा
कोविड मुआवजा: SC ने केंद्र सरकार से मांगा डाटा
फाइल

Covid19 Death Compensations कोरोना काल में अपने प्रियजनों को खो चुके गुजरात के कई परिवारों को अब भी मुआवजे की राशि का इंतजार है. मुआवजे के दावों से जुड़े मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए देश की शीर्ष अदालत ने गुजरात सरकार की खिंचाई की. सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को कोविड मुआवजे के वितरण के लिए अपनी जांच समिति बनाने के आदेश को संशोधित करने के लिए कहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से सवाल करते हुए कहा कि अभी तक कितने लोगों को कोविड मुआवजा मिला है. कोर्ट ने साथ ही केंद्र सरकार से कोविड मौतों के लिए अनुग्रह राशि वितरण के संबंध में विभिन्न राज्य सरकारों से डेटा लाकर रिकॉर्ड पर रखने के लिए कहा है. केंद्र को शिकायत निवारण समितियों के गठन के बारे में भी जानकारी देने के लिए कहा गया है. कोर्ट ने कहा कि यह मामला अहम है. मामले में अगली सुनवाई अब 29 नवंबर को होगी.

इससे पहले पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना काल में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों की पीड़ा के प्रति असंवेदनशील होने के लिए गुजरात सरकार को फटकार लगाई थी. कोर्ट ने ने कोविड मौतों की भरपाई के लिए स्क्रूटनी कमेटी का गठन करके निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए राज्य को फटकार लगाई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि गुजरात सरकार ने कोविड पीड़ितों के परिजनों को मुआवजे के लिए दर-दर भटकने को मजबूर किया है. साथ ही गुजरात के मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव को तलब करने की चेतावनी दी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह उन लोगों के साथ नहीं किया जा रहा है जो पहले से ही इतना पीड़ित हैं. सरकार को विरोध करने के बजाय मदद का हाथ बढ़ाना चाहिए. अधिकारी इसे विपरीत तरीके से लेते हैं. जबकि, लोग अभी भी पीड़ित हैं और यही सच्चाई है. कोर्ट ने कहा कि जांच समिति का कोई सवाल ही नहीं था. अब हम देखते हैं कि लंबी कतारें हैं और मुआवजे के फॉर्म इतने जटिल हैं. ये गरीब लोग हैं, हमारे पास अपनी पीड़ा व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं. आप थोड़े संवेदनशील क्यों नहीं हो सकते.

याचिकाकर्ता ने कोर्ट को सूचित किया था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले ही घोषित किए जा रहे कोविड मृत्यु प्रमाणपत्र मानदंड के बावजूद, गुजरात सरकार ने प्रमाणपत्रों के संबंध में नया मॉड्यूल बनाया है. गुजरात सरकार ने कोविड मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एक समिति बनाई है जिसके तहत कोविड19 को मृत्यु के कारण के रूप में प्रमाणित करने वाले दस्तावेज को प्राप्त करने के लिए समिति के समक्ष एक प्रतिनिधित्व करना होगा.

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