नेपाल के पीएम को चुभी सीएम योगी की सलाह, कहा- भारत ने नकली काली नदी दिखा फर्जी सीमा बनायी

Author Utpal kant
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India nepal dispute: भारतीय क्षेत्रों को अपने नक्शे में दिखाने वाले नेपाल को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सलाह चुभ गयी. नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने न सिर्फ सीएम योगी के बयान पर खुद का बचाव किया बल्कि भारत पर कई आरोप भी लगाए. दरअसल, योगी आदित्यनाथ ने नेपाल को याद दिलाया था कि किस तरह चीन ने तिब्बत पर कब्जा कर लिया, इसलिए नेपाल तिब्बत वाली गलती ना दोहराए.

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India nepal dispute: भारतीय क्षेत्रों को अपने नक्शे में दिखाने वाले नेपाल को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सलाह चुभ गयी. नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने न सिर्फ सीएम योगी के बयान पर खुद का बचाव किया बल्कि भारत पर कई आरोप भी लगाए. दरअसल, योगी आदित्यनाथ ने नेपाल को याद दिलाया था कि किस तरह चीन ने तिब्बत पर कब्जा कर लिया, इसलिए नेपाल तिब्बत वाली गलती ना दोहराए.

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केपी ओली ने कहा, कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी ने नेपाल को लेकर कुछ कहा है, वो उचित नहीं है. केंद्र सरकार को उन्हें सलाह देनी चाहिए कि वह उन मुद्दों पर ना बोलें जो उनकी जिम्मेदारी नहीं है. उन्हें यह भी बताया जाए कि नेपाल को धमकी देने वाले बयान की निंदा की जाएगी. इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर खबर के मुताबिक, नेपाली पीएम ने दावा किया कि कालापानी इलाके पर भारत के दावा का कोई ठोस आधार नहीं है.

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मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ओली ने यह बात बुधवार को नेपाली संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहीं. केपी शर्मा ओली ने आरोप लगाया कि भारतीय सेना पर नेपाल की जमीन पर अतिक्रण किया है. उन्होंने कहा कि भारत ने अपने सेना के जवानों को कालापानी क्षेत्र में तैनात करके नेपाली क्षेत्र का अतिक्रमण किया है.

उन्होंने दावा किया है कि भारत ने 1962 से नेपाल के क्षेत्र में सेनाएं तैनात की हैं. उन्होंने दोहराया कि लिम्पियाधुरा लिपुलेख और कालापानी नेपाल के हैं.भारत ने कृत्रिम काली नदी और नकली काली मंदिर बनाया और हमारे मैप के क्षेत्र पर कब्जा कर लिया गया.हालांकि, उन्होंने कहा कि दोनों देश कूटनीतिक वार्ता के आधार पर इसका समाधान पाएंगे.

भारत और नेपाल के बीच रिश्ते में तनाव

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा 8 मई को उत्तराखंड में धारचूला और लिपुलेख दर्रे को जोड़ने वाले, 80 किलोमीटर लंबे, रणनीतिक रूप से अहम मार्ग का उद्घाटन किए जाने पर भारत और नेपाल के बीच रिश्ते में तनाव आ गया. चीन की शह पर नेपाल ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह राजमार्ग उसके क्षेत्र से गुजरता है.

भारत ने यह कहते हुए उसके दावे को खारिज कर दिया कि यह रोड पूरी तरह भारत की सीमा के अंदर है. इसके बाद नेपाल ने इन भारतीय क्षेत्रों को अपने नक्शे में शामिल किया है. बुधवार को नेपाल की प्रतिनिधि सभा ने देश के नए और विवादित नक्शे को लेकर पेश किए गए संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित भी कर दिया है.

Posted By: Utpal kant

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