Mann Ki Baat: भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी, हमारे रगों में है लोकतंत्र- जानिए मन की बात में और क्या बोले पीएम मोदी

Published by : Pritish Sahay Updated At : 29 Jan 2023 1:04 PM

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Mann Ki Baat: पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि योगी की तरह मिलेट्स भी सेहत के लिए जरूरी है. अब पूरी दुनिया इसे मानने लगी है. इसके महत्व को समझ रही है. पीएम मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष दोनों का निर्णय भारत के प्रस्ताव के बाद लिया है.

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Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी रविवार को साल 2023 की पहली मन की बात कार्यक्रम कर देश के लोगों से बात की. आज पीएम मोदी के मन की बात का 97 वां संस्करण था. मन की बात में पीएम मोदी ने गणतंत्र दिवस परेड का जिक्र करते हुए कहा कि कई लोगों ने अपने विचार साझा किए. उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह की काफी प्रशंसा हो रही है. पीएम मोदी ने जैसलमेर के पुलकित का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने लिखा है कि कर्तव्य पथ का निर्माण करने वाले श्रमिकों को देखकर बहुत अच्छा लगा.

हमारी रगों में है लोकतंत्र: मन की बात में PM मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हम भारतीयों को इस बात का गर्व भी है कि हमारा देश लोकतंत्र की जननी भी है. लोकतंत्र हमारी रगों में हैं, हमारी संस्कृति में है. सदियों से यह हमारे कामकाज का भी एक अभिन्न हिस्सा रहा है. स्वभाव से हम एक लोकतांत्रिक समाज हैं.

मिटेट्स को दुनिया में मिली पहचान: पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि योगी की तरह मिलेट्स भी सेहत के लिए जरूरी है. अब पूरी दुनिया इसे मानने लगी है. इसके महत्व को समझ रही है. पीएम मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष दोनों का निर्णय भारत के प्रस्ताव के बाद लिया है. उन्होंने कहा कि मिलेट्स को बाजार तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. पीएम मोदी ने कहा कि दोनों अभियानों में जनता की भागीदारी के कारण एक क्रांति रास्ते पर है.

आदिवासी भाषाओं के जानकारों को पद्म पुरस्कार: मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि टोटो, हो, कुई, कुवी और मांडा जैसी आदिवासी भाषाओं पर काम करने वाली कई महान हस्तियों को पद्म पुरस्कार मिल चुके हैं. यह हम सबके लिए गर्व की बात है. सिद्दी, जारवा और ओंगे आदिवासियों के साथ काम करने वालों को इस बार भी पुरस्कृत किया गया है.  उन्होंने कहा कि पद्म पुरस्कार विजेताओं की एक बड़ी संख्या आदिवासी समुदायों और आदिवासी समाज से जुड़े लोगों से आती है.

जलवायु परिवर्तन पर की बात: पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि आज पूरी दुनिया में जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता के संरक्षण की बहुत चर्चा होती है.  उन्होंने कहा कि इस दिशा में भारत के ठोस प्रयासों के बारे में हम लगातार बात करते हैं. अब हमारे देश में रामसर साइट्स की कुल संख्या 75 हो गई है, जबकि 2014 से पहले देश में केवल 26 रामसर साइट्स थीं.


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ई-वेस्ट का पीएम मोदी ने किया जिक्र: पीएम मोदी ने मन की बात में ई-वेस्ट के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि ई-वेस्ट को ठीक से डिस्पोज नहीं किया गया तो यह हमारे लिए काफी हानिकारक है. इससे हमारे पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है. उन्होंने कहा कि लेकिन अगर इसका सावधानीपूर्वक उपयोग किया गया तो यह रिसाइकिल और रीयूज होकर अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ी ताकत बन सकता है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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