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तो भारतीय जवानों से लड़ने के लिए सेना नहीं मार्शल आर्ट फाइटर्स को भेजा था चीन? खुलासा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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तो भारतीय जवानों से लड़ने के लिए सेना नहीं मार्शल आर्ट फाइटर्स को भेजा था चीन? खुलासा
तो भारतीय जवानों से लड़ने के लिए सेना नहीं मार्शल आर्ट फाइटर्स को भेजा था चीन? खुलासा
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india china face off, india china news, galwan valley, ladakh, india china lac, india china border : गलवान घाटी सीमा में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में नया खुलासा हुआ है. उस खुलासे के साछ ही चीन का बेशर्म चेहरा भी सामने आया है. खुलासे में कहा गया है कि चीन ने गलवान सीमा पर भारतीय सैनिकों से लड़ने के लिए मार्शल आर्ट के फाइटर्स को भेजा था.

समाचार एजेंसी एएफपी ने चीनी मीडिया के हवाले से बताया है कि चीन ने गलवान घाटी इलाके में मोर्चा शुरू करने से पहले मार्शल आर्ट फाइटर्स की चार टुकड़ी को तैनात किया था. ये सभी वहां के सैनिकों के साथ चीनी सीमा पर तैनात किए गए थे. हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि 15-16 जून के दरम्यानी रात कितने फाइटर्स तैनात किए गये थे.

18 चीनी सैनिकों के टूटे थे गर्दन- चीनी सैनिकों से झड़प में भारतीय जवानों ने 18 सैनिकों के गर्दन तोड़ दिए थे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अपने सीओ की शहादत से गुस्साये भारतीय सैनिकों ने एक-एक कर 18 चीनी सैनिकों की गर्दनें तोड़ दीं. एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि कम-से-कम 18 चीनी सैनिकों के गर्दनों की हड्डियां टूट चुकी थीं और सर झूल रहे थे. अपने कमांडर की वीरगति प्राप्त होने से गुस्साये भारतीय सैनिक इतने आक्रोशित हो गये कि सामने आने वाले हर चीनी सैनिक का वो हाल किया कि उनकी पहचान कर पाना भी संभव नहीं रहा.

अधिकारियों ने आगे बताया कि उस रात भारतीय और चाीनी सेनाओं के बीच तीन बार हिंसक झड़प हुई. पहली बार छोटे-छोटे पत्थरों से हिंसा हुई, वहीं दूसरी बार बड़े पत्थरों से जबकि तीसरी बार हथियारों के जरिए हिंसक झड़पें हुई.

बता दें कि 15-16 जून की दरम्यानी रात को लद्दाख के गलवान घाटी में दोनों देश के सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी. चीन की सीमा पर लगभग 45 साल बाद, भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मियों की इस तरह शहादत की पहली घटना है. हिंसक टकराव के दौरान एक अधिकारी व दो जवान शहीद हुए, जबकि 6 चीनी सैनिक भी ढेर हुए हैं. 1975 में अरुणाचल प्रदेश में तुलुंग ला में हुए संघर्ष में चार भारतीय जवानों की शहादत के बाद यह इस तरह की पहली घटना है

Posted ABy : Avinish Kumar Mishra

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