होर्मुज संकट में भी नहीं थमी ईंधन आपूर्ति, हरदीप पुरी बोले- भारत अब सिर्फ तेल पर निर्भर नहीं

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केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (फोटो : ANI)

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दावा किया है कि भारत अब ऊर्जा सुरक्षा के मामले में केवल कच्चे तेल पर निर्भर नहीं है. देश ने ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाकर बाहरी संकटों के असर को कम किया है.

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केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत अब ऊर्जा सुरक्षा के मामले में केवल कच्चे तेल (हाइड्रोकार्बन) पर निर्भर नहीं है. उन्होंने कहा कि देश ने ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों में विविधता, मजबूत बुनियादी ढांचे, भरोसेमंद साझेदारियों और वैकल्पिक ईंधनों के जरिए ऐसी व्यवस्था तैयार की है, जिससे बाहरी संकटों का असर आम लोगों तक नहीं पहुंचे.

'अब सिर्फ तेल पर निर्भर नहीं भारत'

हरदीप पुरी ने कहा कि दशकों तक ऊर्जा सुरक्षा को केवल तेल और गैस की उपलब्धता के नजरिए से देखा जाता था, लेकिन अब भारत उस दौर से आगे बढ़ चुका है. उन्होंने कहा कि देश ने ऊर्जा आपूर्ति के कई स्रोत विकसित किए हैं और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है. भारत के पास पर्याप्त भंडारण क्षमता, भरोसेमंद साझेदार और वैकल्पिक ईंधन मौजूद हैं, जिससे किसी भी वैश्विक संकट का प्रभाव सीमित किया जा सकता है.

होर्मुज संकट के दौरान नहीं हुई ईंधन की कमी

उन्होंने कहा कि जब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव बढ़ा था, तब देशभर में करीब 1.07 लाख रिटेल फ्यूल आउटलेट (पेट्रोल पंप, डीजल, सीएनजी और ईवी चार्जिंग स्टेशन) संचालित हो रहे थे. इसके बावजूद एक भी पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म नहीं हुआ. उन्होंने इसे भारत की मजबूत ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली का उदाहरण बताया.

भारत दुनिया का बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता, तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग देश है. इसके साथ ही भारत पेट्रोलियम उत्पादों का प्रमुख निर्यातक भी बन चुका है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 से 2050 के बीच वैश्विक तेल मांग में होने वाली वृद्धि का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा भारत से आने की उम्मीद है. भारत की ऊर्जा नीति उपलब्धता, किफायत और स्थिरता के तीन प्रमुख लक्ष्यों पर आधारित है.

E20 नीति पर केजरीवाल ने उठाए थे सवाल

इधर, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 (पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण) नीति पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि E20 लागू करने का फैसला देशहित के बजाय बाहरी दबाव में लिया जा रहा है. केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि अमेरिका या डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में नहीं, बल्कि देशहित को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाए. उन्होंने अमेरिका से एथेनॉल खरीद और उससे जुड़ी नीतियों पर भी सवाल उठाए.

E20 पर जारी है बहस

E20 नीति को लेकर राजनीतिक बहस जारी है. केंद्र सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बता रही है. वहीं आम आदमी पार्टी इस नीति की समीक्षा और व्यापक चर्चा की मांग कर रही है. ऐसे में अब इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से आगे आने वाली प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी.

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आलोक पाठक

लेखक के बारे में

By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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