Election Commissioner: ज्ञानेश कुमार और सुखबीर संधू बने नए चुनाव आयुक्त, अधिसूचना जारी
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 14 Mar 2024 8:39 PM
Sukhbir Sandhu
Election Commissioner: ज्ञानेश कुमार और सुखबीर संधू नये चुनाव आयुक्त होंगे. चुनाव समिति की बैठक के बाद दोनों के नाम की घोषणा की गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली समिति की बैठक में पूर्व नौकरशाहों ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधु के नामों को अंतिम रूप दिया गया. चयन समिति की सिफारिश के आधार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू निर्वाचन आयोग के दो सदस्यों की नियुक्ति करेंगी.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नए चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर दो नामों को मंजूरी दे दी है. इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी गई है. इसी के साथ ज्ञानेश कुमार और सुखबीर संधू नए चुनाव आयुक्त बन गए है. इससे पहले चुनाव आयुक्त चुनने के लिए चयन समिति की बैठक के बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, इस समिति में सरकार के पास बहुमत है. एक श्री कुमार केरल से और एक श्री बी. संधू पंजाब को चुनाव आयुक्त के रूप में चुना गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली समिति ने दो चुनाव आयुक्तों के चयन के लिए बैठक की थी.
अधीर रंजन चौधरी बोले, चयन के तरीके से मैं सहमत नहीं
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, सरकार जो चाहेगी वही होगा. चौधरी ने का सरकार के पास चुनाव आयुक्त की नियुक्ति करने वाली समिति में बहुमत है. इससे पहले, उन्होंने मुझे 212 नाम दिए थे. लेकिन नियुक्ति से 10 मिनट पहले उन्होंने मुझे फिर से सिर्फ छह नाम दिए. मुझे पता है कि सीजेआई वहां नहीं हैं, सरकार ने ऐसा कानून बनाया है कि सीजेआई हस्तक्षेप नहीं करते हैं और केंद्र सरकार एक अनुकूल नाम चुन सकती है. मैं यह नहीं कह रहा हूं कि यह मनमाना है लेकिन जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है उसमें कुछ खामियां हैं.
कौन हैं चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
नये चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के आईएएस अफसर हैं. वे सहकारिता मंत्रालय में सचिव के पद से रिटायर हुए हैं. मालूम हो जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के दौरान ज्ञानेश कुमार गृह मंत्रालय में तैनात थे.
कौन हैं नये चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू
नये चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू 1988 बैच के उत्तराखण्ड कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. पिछले साल उत्तराखंड के मुख्य सचिव के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा था, जिसके बाद उनके कार्यकाल को 6 महीने के लिए बढ़ाया गया था. जनवरी 2024 में मुख्य सचिव के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त हुआ. संधू को जुलाई 2021 में राज्य के मुख्य सचिव बनाया गया था. संधू भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके हैं.
इन 6 नामों पर हुई चर्चा
नये चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के चुनाव समिति ने 6 नामों पर चर्चा की. जिन 6 नामों पर चर्चा की गई, उसमें उत्पल कुमार सिंह, प्रदीप कुमार त्रिपाठी, ज्ञानेश कुमार, इंदीवीर पांडेय, सुखबीर सिंह, गंगाधर राहत के नाम शामिल थे.
पीएम मोदी के नेतृत्व में चयन समिति की बैठक हुई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने दो नामों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को बैठक की. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अधीर रंजन चौधरी भी समिति की बैठक में मौजूद थे. चौधरी ने कहा कि भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) को चुनाव आयुक्तों की चयन समिति का हिस्सा होना चाहिए था.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू निर्वाचन आयोग के दो सदस्यों की नियुक्ति करेंगी
चयन समिति की सिफारिश के आधार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू निर्वाचन आयोग के दो सदस्यों की नियुक्ति करेंगी. एक बार नियुक्तियां अधिसूचित हो जाने के बाद नए कानून के तहत की जाने वाली ये पहली नियुक्तियां होंगी. इससे पहले, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की अध्यक्षता में गठित सर्च कमेटी ने इन रिक्तियों को भरने के लिए बुधवार को छह उम्मीदवारों की एक सूची तैयार की थी. कानून तीन-सदस्यीय चयन समिति को ऐसे व्यक्ति को नियुक्त करने की शक्ति भी देता है जिसे चयन समिति ने ‘शॉर्टलिस्ट’ नहीं किया है.
अनूप चंद्र पांडे सेवानिवृत्ति और अरुण गोयल के अचानक इस्तीफे से पद हुए थे रिक्त
अनूप चंद्र पांडे की 14 फरवरी को सेवानिवृत्ति और आठ मार्च को अरुण गोयल के अचानक इस्तीफे से दोनों रिक्तियां पैदा हुईं. गोयल का इस्तीफा नौ मार्च को अधिसूचित किया गया था. रिक्तियों के कारण निर्वाचन आयोग में अभी केवल मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार हैं.
चयन की पहले क्या थी व्यवस्था
मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति पर नया कानून हाल में लागू होने से पहले, निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा की जाती थी और परंपरा के अनुसार, सबसे वरिष्ठ को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में नियुक्त किया जाता था.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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