यात्री रेल सेवा 17 मई तक स्थगित, LOCKDOWN में फंसे मजदूरों को घर पहुंचाने का रेलवे इनसे वसूलेगा किराया
Author : Amitabh Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 02 May 2020 7:58 AM
Lockdown in india: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की वजह से फंसे लोगों को उनके राज्य ले जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करने की शुक्रवार को अनुमति प्रदान कर दी.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की वजह से फंसे लोगों को उनके राज्य ले जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करने की शुक्रवार को अनुमति प्रदान कर दी. शुक्रवार को गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि फंसे लोगों-जैसे कि प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और छात्रों को अब विशेष ट्रेनों के माध्यम से ले जाया जा सकता है. इधर , एक रेलवे अधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से लॉकडाउन के दौरान फंसे हुए प्रवासी कामगारों को ले जाने के लिये रेलवे राज्यों से किराया वसूलने का काम करेगा.
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रेलवे अधिकारी के अनुसार, स्लीपर मेल एक्सप्रेस ट्रेन का किराया 30 रुपये लिया जाएगा. 20 रुपये अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा. इसमें लंबी दूरी की ट्रेनों में भोजन और पीने का पानी लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा. हालांकि, यात्रियों को टिकट खरीदने की आवश्यकता नहीं है. किराये का भुगतान राज्य सरकारों द्वारा किया जाएगा.
रेलवे ने शुक्रवार को कहा कि उसकी सभी यात्री रेल सेवाएं 17 मई तक स्थगित रहेंगी. इस दौरान हालांकि बंद के कारण फंसे प्रवासियों और अन्य लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिये विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा. रेलवे ने एक बयान में कहा, “कोविड-19 के मद्देनजर उठाये गये कदमों को जारी रखते हुए यह फैसला लिया गया है कि भारतीय रेलवे की सभी यात्री ट्रेन सेवाओं का संचालन 17 मई 2020 तक रद्द रहेगा. हालांकि, विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए प्रवासी कामगारों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों की आवाजाही ‘श्रमिक विशेष ट्रेन’ के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी जैसा की राज्य सरकारों की जरूरत हो. इस दौरान गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा.” इसमें कहा गया कि मालगाड़ियों का संचालन अभी की तरह जारी रहेगा.आपको बता दें कि सरकार ने शुक्रवार को लॉकडाउन 17 मई तक बढ़ाने की घोषणा की है.
श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘इसके लिए राज्य और रेलवे बोर्ड आवश्यक प्रबंध करेंगे.” ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों के आवागमन में कुछ समस्याएं आने का जिक्र करते हुए श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को फिर से पत्र लिखकर दोहराया है कि खाली वाहनों सहित ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों के आवागमन के लिए अलग से किसी पास की जरूरत नहीं है.
आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि प्रवासी मजदूरों, तीर्थयात्रियों, छात्रों और विभिन्न स्थानों पर फंसे अन्य लोगों के आवागमन को रेल मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली विशेष ट्रेनों के माध्यम से अनुमति है. उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय आवागमन को लेकर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नामित करेगा.
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गृह सचिव ने कहा, ‘‘रेल मंत्रालय टिकट बिक्री, ट्रेन स्टेशनों पर भौतिक दूरी और अन्य सुरक्षा कदमों के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा.” दिल्ली, मुंबई, अन्य शहरों तथा ग्रीन जोन में सोमवार से परिवहन आवागमन पर प्रतिबंध हटाने के बारे में पूछे जाने पर श्रीवास्तव ने कहा कि किसी को भी गृह मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों का इंतजार करना चाहिए. उन्होंने देश में लॉकडाउन स्थिति से निपटने में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के योगदान को भी रेखांकित किया.
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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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