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दिल्ली मार्च में शामिल होने ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर किसान तैयार, तीन केंद्रीय मंत्री आज करेंगे बातचीत

Updated at : 12 Feb 2024 3:55 PM (IST)
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दिल्ली मार्च में शामिल होने ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर किसान तैयार,  तीन केंद्रीय मंत्री आज करेंगे बातचीत

Sonipat: Security personnel deployed near Singhu border in view of farmers' 'Delhi Chalo March', in Sonipat district, Monday, Feb. 12, 2024. A large number of farmers from Uttar Pradesh, Haryana and Punjab are expected to march towards the national capital on Tuesday. (PTI Photo)(PTI02_12_2024_000077B)

दिल्ली मार्च को लेकर किसान एकत्रित होने लगे हैं. किसानों के आंदोलन को देखते हुए दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये हैं. सिंघू, गाजीपुर और टिकरी सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है. ट्रैफिक पाबंदी लागू कर दी गयी है. केंद्रीय मंत्री आज किसानों से बात भी करेंगे.

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Farmer Protest Updates: कल यानी मंगलवार को किसानों का प्रस्तावित दिल्ली चलो मार्च है. किसानों का समूह मार्च निकालने के लिए इकट्ठा होने लगे हैं. पंजाब के विभिन्न हिस्सों से सोमवार को बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर किसान सुबह ही हरियाणा के लिए निकल चुके हैं. संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा ने घोषणा की है कि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर कानून बनाने सहित कई मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के लिए 200 से अधिक किसान संगठन कल यानी 13 फरवरी को दिल्ली तक मार्च करेंगे.

किसान कर रहे ‘दिल्ली मार्च’ की पूरी तैयारी
किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने सोमवार को कहा कि ट्रैक्टर-ट्रॉली का एक काफिला सुबह अमृतसर के ब्यास से निकला, जो फतेहगढ़ साहिब जिले में एकत्र होगा. मोगा, बठिंडा और जालंधर जिलों के कई किसान भी मार्च में शामिल होने के लिए अपने गांवों से निकल पड़े हैं. एसकेएम नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि ट्रैक्टर-ट्रॉली सोमवार शाम को फतेहगढ़ साहिब जिले और संगरूर के मेहलन चौक पर इकट्ठा होंगी.

केंद्रीय मंत्रियों का दल किसानों से करेगा बातचीत
इधर, तीन केंद्रीय मंत्रियों का एक दल आज यानी सोमवार को दिल्ली मार्च में शामिल होने वाले किसान नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करेगा. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अर्जुन मुंडा और नित्यानंद राय किसान नेताओं के साथ उनकी मांगों को लेकर दूसरे दौर की बातचीत करने के लिए चंडीगढ़ पहुंचने वाले हैं. बैठक शाम पांच बजे सेक्टर 26 स्थित महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में होगी. बता दें, किसान नेताओं और तीन केंद्रीय मंत्रियों की पहली बैठक आठ फरवरी को हुई थी.

बातचीत से सुलझ जाएगा मामला- अनिल विज
किसानों के प्रदर्शन और सरकार की ओर से उनसे बातचीत से पहले हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज का बयान सामने आया है. अनिल विज ने उम्मीद जताई है कि बातचीत से इस समस्या का हल निकल जाएगा. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार के तीन मंत्री चंडीगढ़ आए हैं और पहले दौर की बातचीत हो चुकी है. दूसरे दौर की बातचीत भी जल्द होगी. मुझे उम्मीद है इस मुद्दे को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा. हरियाणा के लोगों की सुरक्षा और राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए, हम जो भी आवश्यक होगा वह करेंगे.

प्रशासन ने किए हैं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
किसानों के दिल्ली चलो मार्च को देखते हुए दिल्ली और हरियाणा पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये हैं.सिंघू, गाजीपुर और टिकरी सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है. ट्रैफिक पाबंदी लागू कर दी गयी है. किसानों के प्रस्तावित दिल्ली चलो मार्च को रोकने के लिए अंबाला, जींद, फतेहाबाद और कुरुक्षेत्र में कई स्थानों पर पंजाब के साथ लगती राज्य की सीमा पर कंक्रीट के बेरिकेड्स, लोहे की कील और कंटीले तार लगाकर किलेबंदी कर दी गई है. हरियाणा सरकार ने भी आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता धारा 144 के तहत 15 जिलों में प्रतिबंध लगा दिए हैं. इन जिलों में पांच या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है और किसी भी प्रकार के प्रदर्शन करने या ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ मार्च निकालने पर प्रतिबंध है. दिल्ली में भी धारा 144 लागू कर दी गई है. 

सरकार के कदम का किसानों ने किया विरोध
किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी के अलावा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन, कृषि ऋण माफी, पुलिस मामलों को वापस लेने और लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय की भी मांग कर रहे हैं. किसानों ने अंबाला-शंभू बॉर्डर, खनौरी-जींद और डबवाली बॉर्डर से दिल्ली जाने की योजना बनाई है. डल्लेवाल ने पंजाब-हरियाणा सीमाओं पर भारी सुरक्षा व्यवस्था करने और ‘दिल्ली चलो’ मार्च में शामिल होने के इच्छुक किसानों को कथित तौर पर परेशान करने के लिए हरियाणा सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ बातचीत कर रही है और इसके बावजूद पंजाब-हरियाणा सीमा पर भारी अवरोधक लगाए गए हैं. भाषा इनपुट के साथ

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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