ePaper

और तेज होगा किसानों का आंदोलन, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान दिल्ली में हर दिन पहुंचेंगे 500 ट्रैक्टर

Updated at : 10 Nov 2021 12:10 PM (IST)
विज्ञापन
और तेज होगा किसानों का आंदोलन, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान दिल्ली में हर दिन पहुंचेंगे 500 ट्रैक्टर

शीतकालीन सत्र की शुरुआत 29 नवंबर से शुरू हो रही है. किसान आंदोलन प्रदर्शन के दायरे को बढ़ाने की रणनीति तैयार कर रहे हैं. संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान रोजाना 500 किसान ट्रैक्टर ले जाने की रणनीति पर सहमति बनी है. इस बैठक में किसानों के कई बड़े नेता मौजूद थे.

विज्ञापन

तीनों कृषि कानून को लेकर किसान लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. अब संयुक्त किसान मोरचा ने आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान रोजाना 500 किसान ट्रैक्टर लेकर संसद भवन मार्च करने का ऐलान किया है. संयुक्त किसान मोर्चा की मंगलवार को सिंघु बॉर्डर के पास हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है. किसान आंदोलन को आगे ले जाने को लेकर रणनीति तैयार कर रहे हैं.

शीतकालीन सत्र की शुरुआत 29 नवंबर से शुरू हो रही है. इस सत्र में किसान अपनी बात रख सकें इसके प्रदर्शन के दायरे को बढ़ाने की रणनीति तैयार कर रहे हैं. संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान रोजाना 500 किसान ट्रैक्टर ले जाने की रणनीति पर सहमति बनी है. इस बैठक में किसानों के कई बड़े नेता मौजूद थे. 29 नवंबर से शुरू हो रहा शीतकालीन सत्र 23 दिसंबर तक चलेगा.

Also Read: 29 नवंबर से शुरू हो सकता है संसद का शीतकालीन सत्र, सूत्रों के हवाले से खबर

इस आंदोलन की रणनीति पर संयुक्त किसान मोर्चा की 9 सदस्यीय कमेटी ने सहमति जाहिर की है. पहले भी किसान ट्रैक्टर रैली कर चुके हैं. दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली काफी विवादों में रही थी. इस ट्रैक्टर रैली के दौरान कई लोग घायल हो गये थे. इस बार भी किसानों ने ट्रैक्टर रैली का फैसला लिया है लेकिन उन्हें यह सख्त हिदायत दी गयी है कि जहां भी आपको रोका जायेगा वहीं बैठ जायें.

किसान तीनों कृषि कानून को लेकर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ पूर्वांचल क्षेत्र में प्रदर्शन और तेज होगा. दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन का एक साल पूरा होने से चार दिन पहले 22 नवंबर को लखनऊ में किसान महापंचायत का आयोजन किया जायेगा. यह ऐतिहासिक होगी.

Also Read: सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल होने वाले एक और किसान की मौत, फंदे से लटका मिला शव

किसान संगठन इन आंदोलन को अब पूर्वांचल में मजबूत करने की रणनीति बना रहे हैं. ध्यान रहे कि पंजाब और यूपी सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. लखनऊ में आयोजित होने वाली इस महापंचायत की नजर यूपी चुनाव पर भी है. पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान किसान यहां भी पहुंचे थे. अब इन चुनावों में भी किसान अपनी बात रख सकते हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola