Farmer Protest 2.0: लाठीचार्ज के खिलाफ एक्शन में किसान संगठन, पंजाब में कल 12 बजे से रेलवे ट्रैक करेंगे जाम

Published by : Pritish Sahay Updated At : 15 Feb 2024 11:48 AM

विज्ञापन

New Delhi: Rapid Action Force (RAF) personnel deployed at Singhu border in view of farmers' 'Delhi Chalo' march, in New Delhi, Wednesday, Feb. 14, 2024. (PTI Photo/Shahbaz Khan)(PTI02_14_2024_000032B)

Farmer Protest: आंदोलन कर रहे किसानों पर पुलिस की ओर से लाठीचार्ज के विरोध में किसानों ने पंजाब में रेल रोको आंदोलन का फैसला किया है. किसानों ने कहा है कि वे कल यानी गुरुवार से पंजाब में रेलवे ट्रैक जाम करेंगे.

विज्ञापन

Farmer Protest 2.0: किसानों की दिल्ली चलो मार्च को बॉर्डर पर रोकने और किसानों पर लाठीचार्ज के खिलाफ किसान संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है. आंसू गैस छोड़ने के विरोध में पंजाब के सबसे बड़े किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन उग्रहा ने कल रेलवे ट्रैक जाम करने का ऐलान किया है. किसान संगठनों ने कहा है कि कल यानी गुरुवार को 12 बजे से शाम चार बजे तक रेलवे ट्रैक जाम किए जाएंगे. गौरतलब है कि दिल्ली घुसने की किसानों को कोशिश को पुलिस ने रोक दिया है. शंभू और टिकरी बॉर्डर में जमकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है. आंदोलन को उग्र होता देख पुलिस को लाठीचार्ज करनी पड़ी थी.

आंदोलन को लेकर किसान संगठनों ने की बैठक
किसान अपने मार्च को लेकर दिल्ली जाने के लिए आमादा हैं. बॉर्डर पर उनका जोरदार प्रदर्शन हो रहा है. कई जगहों पर पुलिस के साथ झड़प भी हुई हैं. पुलिस ने किसानों को हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर रोक लिया जिसके बाद किसानों ने उग्र प्रदर्शन शुरु कर दिया. किसानों ने बैरिकेड को भी जबरन हटा दिया. इसके बाद किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज भी किया. इसको लेकर किसान संगठनों ने बैठक की.

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने किसानों से की अपील
अपनी मांगों को लेकर किसानों के जारी आंदोलन के बीच केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा है कि मैं विभिन्न किसान संगठनों के सभी नेताओं से आग्रह करना चाहूंगा कि वे सहयोग करें और संवाद करें ताकि आम लोगों को परेशानी न हो, सरकार इस संबंध में प्रतिबद्ध है. हमने उन्हें आश्वासन दिया है प्रशासनिक प्रकृति के सभी कार्यों में तेजी लाई जाएगी. लेकिन नए कानून बनाने में अभी बहुत सी बातों पर विचार करना है. आने वाले दिनों में हम किसान संगठनों से चर्चा करना चाहते हैं और कोई भी संभावित समाधान पर विचार करना चाहते हैं.

बातचीत के लिए सकारात्मक माहौल बनाए सरकार- पंधेर
वहीं, किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि कृषक अपनी मांगों को लेकर केंद्र से बातचीत के लिए आने वाले किसी भी प्रस्ताव पर विचार करेंगे लेकिन संवाद के लिए सकारात्मक माहौल बनाया जाना चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की कि वह न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी के लिए कानून बनाएं. वहीं पंधेर ने प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर भी केंद्र की आलोचना की. उन्होंने कहा कि कई कृषक घायल हो गए हैं. किसान नेता ने कहा कि इसके बावजूद हम नहीं कहेंगे कि हम बातचीत नहीं करना चाहते हैं लेकिन सरकार से अपील करते हैं कि सकारात्मक माहौल बनाने के लिए यह सब बंद करें. हम कल भी बातचीत को तैयार थे और आज भी तैयार हैं.

Also Read: राज्यसभा: जेपी नड्डा से लेकर अशोक चव्हाण तक, BJP ने जारी की उम्मीदवारों की ताजा लिस्ट, इन्हें बनाया प्रत्याशी
Also Read: Farmers Protest 2.0: पत्थरबाजी- लाठीचार्ज के बीच किसानों का दिल्ली मार्च, आंसू गैस से बॉर्डर इलाका धुआं-धुआं

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola