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ED: प्रवर्तन निदेशालय के नाम पर आम लोगों को ठगी का शिकार बनाना होगा मुश्किल

8 Oct, 2025 5:49 pm
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ED: प्रवर्तन निदेशालय के नाम पर आम लोगों को ठगी का शिकार बनाना होगा मुश्किल

प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को बयान जारी आम लोगों को एजेंसी के नाम पर फर्जी समन जारी होने के प्रति सचेत रहने को कहा है. जांच एजेंसी ने कहा है कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर आम लोगों को ठगने का काम किया जा रहा है. इसके लिए फर्जी गिरफ्तारी वारंट प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दिखाया जाता है. आम लोगों को यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तारी तय प्रक्रिया के तहत की जाती है और डिजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं है. धन शोधन कानून 2002 के तहत डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन गिरफ्तारी का कोई नियम नहीं है.

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ED: पिछले कुछ साल से जांच एजेंसियों के नाम से समन जारी कर आम लोगों को ठगने के कई मामले सामने आए है. खासकर प्रवर्तन निदेशालय के नाम पर कई लोग ठगी का शिकार बन चुके हैं. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को बयान जारी आम लोगों को एजेंसी के नाम पर फर्जी समन जारी होने के प्रति सचेत रहने को कहा है. जांच एजेंसी ने कहा है कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर आम लोगों को ठगने का काम किया जा रहा है. इसके लिए फर्जी गिरफ्तारी वारंट प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दिखाया जाता है. आम लोगों को यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तारी तय प्रक्रिया के तहत की जाती है और डिजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं है.

धन शोधन कानून 2002 के तहत डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन गिरफ्तारी का कोई नियम नहीं है. जांच एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान धन शोधन कानून 2002 के धारा 50(2) और फॉरेन मैनेजमेंट एक्सचेंज एक्ट 1999 की धारा 37 के तहत आरोपी को समन जारी किया जाता है. लेकिन हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए है कि ठग आम लोगों जांच एजेंसी के नाम पर समन जारी कर ठगी का शिकार बना रहे हैं. ठगों द्वारा जारी फर्जी समन जांच एजेंसी के समन जैसे ही लगते हैं. इस समस्या को दूर करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय की ओर से नयी पहल की शुरुआत की गयी है. 


समन के लिए क्यूआर कोड होगा जारी


अब प्रवर्तन निदेशालय के नाम पर फर्जी समन जारी कर ठगी करना आसान नहीं होगा. आम लोग फर्जी और असली समन का पता लगा सकेंगे. समन की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय समन के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था शुरू कर रहा है. साथ ही समन के नीचे एक विशिष्ट पासकोड दर्ज होगा. प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि केवल इसी प्रणाली के जरिये समन जारी करें. इस प्रणाली से जारी समन पर अधिकारी के हस्ताक्षर और मोहर लगी होगी और उसमें अधिकारी का आधिकारिक ईमेल आईडी और फोन नंबर भी होगा.

समन हासिल करने वाला व्यक्ति क्यूआर कोड को स्कैन कर इसकी सत्यता की जांच कर सकता है. साथ ही प्रवर्तन निदेशालय के वेबसाइट पर समन नंबर डालकर सत्यता की पुष्टि की जा सकती है. सिस्टम द्वारा जनरेट किए गए समन की प्रामाणिकता का सत्यापन समन जारी होने की तिथि के 24 घंटे बाद (सार्वजनिक अवकाश, शनिवार और रविवार को छोड़कर) किया जा सकता है. जो समन सिस्टम के जरिये जारी नहीं किए गए हैं, उसकी जानकारी फोन या ईमेल से हासिल की जा सकती है.  

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Vinay Tiwari

लेखक के बारे में

By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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