दिल्ली में शाहीन बाग स्थित PFI के ऑफिस में छापेमारी, हाथरस केस में CM योगी की STF ने की कार्रवाई

UP STF Raid In PFI Office At Shaheen Bagh उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम ने हाथरस में दंगा भड़काने और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और NRC के खिलाफ प्रदर्शन में हिंसा फैलाने के आरोप में रउफ शरीफ से पूछताछ के बाद रविवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के दिल्ली में शाहीन बाग स्थित ऑफिस में छापेमारी की है. हाथरस मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने राज्य में दंगे और हिंसा भड़काने की साजिश रची थी.
UP STF Raid In PFI Office At Shaheen Bagh उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम ने हाथरस में दंगा भड़काने और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और NRC के खिलाफ प्रदर्शन में हिंसा फैलाने के आरोप में रउफ शरीफ से पूछताछ के बाद रविवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के दिल्ली में शाहीन बाग स्थित ऑफिस में छापेमारी की है. हाथरस मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने राज्य में दंगे और हिंसा भड़काने की साजिश रची थी.
जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ की छापेमारी की कार्रवाई पीएफआई के कई ठिकानों पर हो रही है. यूपी एसटीएफ की टीम पीएफआई स्टूडेंट विंग के रउफ शरीफ को केरला से प्रॉडक्शन वारंट पर लेकर आई है. वहीं, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, छापेमारी की कार्रवाई खत्म हो गयी है. बताया जा रहा है कि छापेमारी में एसटीएफ के 20 लोगों की टीम शामिल थी.
रउफ शरीफ पीएफआई के स्टूडेंट विंग सीएफआई का जनरल सेक्रेटरी है और वह कोच्चि की जेल में बंद था. जहां से उसे एसटीएफ की टीम ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आई है. मालूम हो कि हाथरस गैंगरेप केस के बाद मथुरा जा रहे चार लोगों को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इसको लेकर मथुरा में यूएपीए के तहत मामला दर्ज हुआ था. पुलिस की ओर से कहा गया था कि मथुरा जाते समय गिरफ्तार चार लोगों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि हाथरस में दंगा फैलाने की साजिश थी. इसी क्रम में केरल की जेल में बंद रउफ शरीफ का नाम सामने आया था.
एसटीएफ की टीम रउफ शरीफ से हाथरस में दंगे की साजिश और फंडिंग के बारे में पूछताछ कर रही है. रउफ शरीफ के खिलाफ ईडी ने भी कुछ दिन पहले चार्जशीट दाखिल की है. एसटीएफ के मुताबिक, रउफ शरीफ पर यूपी में नागरिकता संशोधित कानून और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के खिलाफ प्रदर्शनों में भी फंडिंग करने का आरोप है.
सीएए और एनआरसी के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में हुए धरने पर देश की अदालत भी अपना फैसला दे चुकी है और कोर्ट में ये साबित हो चुका है कि शाहीन बाग का धरना पूरी तरह अवैध था. इसी धरने स्थल से कई कट्टरपंथी निकले, जिनके जहरीले भाषणों ने दिल्ली दंगों को अंजाम दिया. सिर्फ दिल्ली में ही नहीं उत्तर प्रदेश में भी सीएए और एनआरसी के खिलाफ हिंसा हुई थी, जिसमें पीएफआई का नाम सामने आया था.
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