दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदना हुआ सस्ता, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फी माफ, बस करना होगा यह काम
EV पॉलिसी के बारे में जानकारी देतीं दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और उनके मंत्री, फोटो एक्स
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) वाहन नीति को सोमवार को मंजूरी दे दी. जिसके तहत दिल्ली में 30 लाख रुपये कीमत तक की ई-गाड़ी खरीदने पर न तो रोड टैक्स देना होगा और न ही रजिस्ट्रेशन फी लगेगा.
इस नीति का मकसद गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और दिल्ली में स्वच्छ परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है. हाइब्रिड वाहनों के लिए कोई प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा. नीति के तहत, 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले सभी इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों के लिए रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फी में 100 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी.
दिल्ली सरकार की नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर सब्सिडी दी जाएगी. जो इस प्रकार होगी.
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (स्कूटर/बाइक) खरीदने पर छूट
पहले साल: 30,000 रुपये की छूट
दूसरे साल: 20,000 रुपये की छूट
तीसरे साल: 10,000 रुपये की छूट
इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (ऑटो/तिपहिया) खरीदने पर छूट
पहले साल: 50,000 रुपये की छूट
दूसरे साल: 40,000 रुपये की छूट
तीसरे साल: 30,000 रुपये की छूट
इलेक्ट्रिक कमर्शियल ट्रक (N1 कैटेगरी) खरीदने पर छूट
जो लोग माल ढोने वाले छोटे इलेक्ट्रिक ट्रक (N1 श्रेणी) खरीदेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से सीधे 1 लाख रुपये तक का फायदा मिलेगा.
दिल्ली में नई EV Policy को आज कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। राजधानी में व्हीकल पॉल्यूशन पर प्रभावी नियंत्रण और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) June 29, 2026
नई EV Policy 1 जुलाई 2026 से लागू होगी और 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी।
नीति की प्रमुख विशेषताएं:
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एक अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण
नीति के तहत एक जनवरी, 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटोरिक्शा पंजीकृत किए जाएंगे, जबकि नए पेट्रोल और सीएनजी दोपहिया वाहनों का पंजीकरण चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया जाएगा और एक अप्रैल, 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया जाएगा.
दिल्ली में पुरानी गाड़ियों के लिए स्क्रैप पॉलिसी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली की सड़कों से पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने के लिए सरकार एक शानदार योजना लेकर आई है. अगर आप अपनी पुरानी गाड़ी को कबाड़ (स्क्रैप) में देते हैं, तो सरकार आपको नई गाड़ी खरीदने के लिए नगद छूट (स्क्रैपिंग इंसेंटिव) देगी.
पुरानी बाइक या स्कूटर (दोपहिया): 10,000 की छूट
पुराना ऑटो (तिपहिया): 25,000 की छूट
ग्रामीण सेवा वाहन: 15,000 की छूट
पुराना छोटा ट्रक (N-1 कैटेगरी): 50,000 की छूट
पुरानी कार (चार पहिया): सीधे 1,000,000 (1 लाख) की बंपर छूट
ईवी वाहन नीति में खर्च होंगे 15000 करोड़ रुपये
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ने एक प्लान तैयार किया है. इस योजना के तहत, अगले 4 सालों में करीब 15,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस पैसे का इस्तेमाल सरकारी निवेश, टैक्स में छूट देने और जगह-जगह ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन (बुनियादी ढांचा) जैसी सुविधाएं तैयार करने में किया जाएगा.
मार्च 2030 तक 30 फीसदी स्कूल बसें होंगी इलेक्ट्रिक
इलेक्ट्रिक वाहन नीति में प्रस्तावित है कि मार्च 2030 तक दिल्ली के स्कूल की 30 फीसदी बसें इलेक्ट्रिक होनी चाहिए. यह नीति शून्य-उत्सर्जन परिवहन के माध्यम से दिल्ली को प्रदूषण मुक्त राजधानी में बदलना चाहती है और 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी.
कुल पीएम 2.5 प्रदूषण में 50 प्रतिशत योगदान वाहनों का
दिल्ली के पीएम 2.5 का सबसे बड़ा स्रोत गाड़ियों से होना वाला उत्सर्जन है. कुल पीएम 2.5 प्रदूषण में लगभग 50 प्रतिशत योगदान वाहनों से निकलने वाले धुएं और उनसे जुड़े उत्सर्जन का है. ेपिछले साल 31 दिसंबर में जारी सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, गत वर्ष सर्दियों में सबसे ज्यादा प्रदूषण अवधि के दौरान, वाहनों ने शहर के स्थानीय पीएम 2.5 स्तरों में लगभग 46 प्रतिशत से 53 प्रतिशत का योगदान दिया था.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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